कुरुक्षेत्र। भारत अकेला ऐसा देश है, जहां नृत्य शारीरिक गतिविधि नहीं बल्कि आध्यात्मिक मनोयोग है, इसलिए नृत्य को महायोग भी कहा गया है। नृत्य अपने आप में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। नृत्य करने से 70 से 80 फीसदी तक हृदय बिना और कुछ किए ही स्वस्थ रहता है। दो दर्जन आधुनिक जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां जैसे चिंता, अवसाद, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एंजाइटी और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां आपके पास फटक भी नहीं सकती।
यह बात लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल के हृदय एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने विश्व नृत्य दिवस पर अस्पताल परिसर में रोगियों और उनके सहायकों को जागरूक करते हुए कही। डॉ. शैली ने बताया कि अमेरिकन कॉलेज आफ कार्डियोलॉजी के मुताबिक डांस यानी नृत्य गंभीर हृदय रोगी को भी जीवन दे सकता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नृत्य सामान्य जीवन की सकारात्मक गतिविधि है और समाजशास्त्रियों, मनोचिकित्सकों और हृदय रोग विशेषज्ञों का यह मानना है कि नृत्य हमारे फिट रहने का सबसे आसान और सरल तरीका है। इसी जागरूकता को लाने के लिए आधुनिक बेली डांस के जनक जीन जॉर्जेस नेवर के 29 अप्रैल 1727 को हुए जन्म दिवस को विश्व नृत्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।
डॉ. शैली ने बताया कि एक घंटे तक नृत्य करने वाले लोग बहुत मुश्किल से किसी आपराधिक घटना में शामिल पाए जाते हैं और नियमित नृत्य करने वाले लोगों के दिलों दिमाग में ऐसे हार्मोन पैदा ही नहीं होते जो उन्हें किसी भी तरह की आक्रमकता या अपराध की तरफ उन्मुख करें। मसाला भांगड़ा दिल के लिए जबरदस्त कार्डियो एक्टिविटी है और युवा लोगों के लिए एक शानदार मस्ती भरा वर्कआउट प्लान है। इसमें और भांगड़ा डांस का फ्यूजन है। यह एक इंटेंस डांस वर्कआउट है। इसके अलावा शिबाम नामक डांसर-साइज के तहत 45 मिनट के भीतर 600 से ज्यादा कैलोरी तो बर्न होती है, साथ ही मानसिक तनाव से भी राहत मिलती है। इस मौके पर पर डॉ. राजेंद्र, सरोज, मीनू परूथी, रेखा, विनोद शर्मा, सुनील अत्री, सुभाष, अतुल शर्मा, विकास सहित अन्य मौजूद रहे।