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डेंगू जैसी बीमारी से बचाव जरूरी : डॉ. आशीष

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कुरुक्षेत्र। कुवि स्वास्थ्य विभाग के इंजार्च डॉ. आशीष अनेजा।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष अनेजा ने कहा कि डेंगू की बीमारी से बचाव करना जरूरी है, इसमें लापरवाही से जान भी जा सकती है। डेंगू एक मच्छर जनित वायरल इंफेक्शन या डिजीज है। डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते निकल आते हैं। डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं और एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। बच्चों और किशोरों में माइल्ड डेंगू होने पर कई बार कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं, जबकि संक्रमित होने के बाद डेंगू के हल्के लक्षण चार से सात दिनों के अंदर नजर आने लगते हैं।
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डेंगू होने के लक्षण
डेंगू में तेज बुखार के साथ-साथ सिरदर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी, जी मिचलाना, आंखों में दर्द होना, त्वचा पर लाल चकत्ते होना, ब्लड प्रेशर का कम होना, ग्लैंड्स में सूजन इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं। यह मानव के फेफड़ों, लिवर और हृदय को प्रभावित कर सकता है।



डेंगू से बचाव के उपाय
शरीर को हाइड्रेटेड रखकर डेंगू को कंट्रोल में रखना एक सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीना चाहिए। शरीर को पूरी तरह से कवर करने वाले कपड़े पहनें। सुनिश्चित करें कि आसपास पानी इकट्ठा न हो व कूलर का पानी बदलते रहें।
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