कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। गांव मोहड़ी के पास देर रात हुए सड़क हादसे में चेतन शर्मा और इरफान खान की दर्दनाक मौत से दोनों के परिवारों में कोहराम मच गया। दोनों अपने तीसरे साथी अवधेश के साथ बाइक पर एटीएम से पैसे निकलवाने के लिए शाहाबाद आए थे।
चेतन और इरफान के घर गांव मोहड़ा में एक ही गली में हैं, जिनके घर के बीच दूरी मात्र 40 फुट है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब चार बजे चेतन शर्मा का अंतिम संस्कार और इरफान खान को सुपुर्दे खाक किया गया। इरफान दो बहनों का इकलौता भाई था। भाई की मौत से दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह गांव के ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 12वीं कक्षा में पढ़ता था। सोमवार को 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित हुआ, मगर तब उसके परिजन उसे अंतिम विदाई देने के लिए सुपुर्दे खाक की तैयारी कर रहे थे। किसी को मालूम नहीं था कि परिणाम घोषित होने के 19 घंटे पहले इरफान की सड़क हादसे में मौत हो जाएगी। इरफान के पिता जसबीर खान खेतीबाड़ी का काम करते हैं।
उधर 19 वर्षीय चेतन शर्मा कंधे से कंधा मिलाकर अपने पिता का सहारा बनना चाहता था। चेतन नक्शा नवीस का काम सीख रहा था लेकिन उसे क्या पता था कि उसके पिता को ही बेटे के शव को कंधा देना पड़ेगा। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद चेतन व इरफान का शव एक ही एंबुलेंस में दोपहर तीन बजे गांव लाया गया। दोनों के शव को देखकर माहौल गमगीन हो गया। रिश्तेदार और गांव के लोगों ने नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई दी।
एटीएम बूथ से गए थे पैसे निकलवाने
चेतन और इरफान रात को पैसे निकलवाने के लिए गांव के एटीएम बूथ पर गए थे लेकिन किसी कारणवश एटीएम से पैसे नहीं निकल पाए। इसलिए वे रात आठ बजे शाहाबाद में एटीएम से पैसे निकलवाने के लिए रवाना हो गए। उनके साथ उनका तीसरा दोस्त अवधेश भी चला गया। गांव लौटते वक्त अंबाला की ओर से आ रहे बाइक चालक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।