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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव : संतों के प्रवचन तो कहीं हवन संग गूंज रहे गीता के श्लोक

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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उत्तरा
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव कला एवं संस्कृति के संगम के साथ आध्यात्म का भी बड़ा केंद्र बन चुका है, जिसके चलते धर्मनगरी में चारों ओर यह बयार बहने लगी है। कहीं संत प्रवचन दे रहे तो कहीं हवन यज्ञ के साथ गीता के श्लोक गूंजने लगे हैं। केडीबी की पहल पर स्कूली बच्चों से लेकर संत समाज भी आगे आया है, जिसके चलते हर ओर उत्साह बना है। सामाजिक संस्थाएं हो या फिर आम नागरिक हर कोई अध्यात्म की इस बयार में डूबने लगा है। आध्यात्म के प्रति बढ़ते उत्साह का अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि पहली बार ब्रह्मसरोवर तट पर महोत्सव के पहले ही दिन धर्मनगरी का संत समाज पहुंचा और न केवल प्रवचन किए बल्कि आरती भी की। यही नहीं धर्मनगरी के धार्मिक संस्थानों पर भी ऐसे कार्यक्रमों की बहार शुरू हुई तो पूरा नजारा ही आध्यात्म से ओतप्रोत दिखाई देने लगा है, जिसके साथ ही महोत्सव भी सार्थक होता दिखाई देने लगा है।
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गीता के संदेश को हर व्यक्ति आत्मसात कर अपने जीवन को सरस व सुखमय बना सके, जिसके साथ ही बेहतर समाज का भी निर्माण हो, इसी उद्देश्य ये महोत्सव को हर बार व्यापक स्तर पर बनाए जाने के प्रयास किए जाते रहे हैं। इन्हीं प्रयास को आगे बढ़ाते हुए इस बार हर कार्यक्रम को आध्यात्म के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है, ताकि यहां पहुंचने वाला हर पर्यटक इस मर्म को समझ सकें और यह संदेश पूरी दुनिया में पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ ही जहां मंत्रोच्चार व गीता पूजन के साथ हुआ तो वहीं गीता स्थली ज्योतिसर पर भी गीता यज्ञ व गीता पाठ किया गया, जिसमें गीता स्कूल के ही दर्जनों बच्चे भी शामिल हुए तो वहीं सैकड़ों अन्य लोग व बाहरी पर्यटक भी इसका हिस्सा बने। यह आयोजन महोत्सव के दौरान जारी रहेगा।


संतों ने की नई पहल, हर रोज तीन से चार संस्थाएं होंगी आरती में शामिल
महोत्सव के पहले ही दिन कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रयास के चलते संत समाज ने बड़ी पहल की है। पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर संत समाज एकजुट हुआ, जहां प्रवचन किए तो आरती भी की। पहली बार हुए इस आयोजन से पर्यटक भी गदगद दिखाई दिए वहीं केडीबी की पहल पर हर रोज तीन से चार सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं आरती में शामिल होंगी। इनमें सेक्टर व कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन भी शामिल होंगी। यहां तक कि सेक्टर, कॉलोनियों में स्वयंसेवक तक कार्य में जुटे हैं।
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संत सम्मेलन में पहुंचेंगे देशभर से संत
पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर गीता यज्ञ व हवन के साथ उपराष्ट्रपति महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों का 17 दिसंबर को शुभारंभ करेंगे वहीं 22 दिसंबर को यहीं संत सम्मेलन भी होगा, जिसमें देशभर के संत समाज के लोग शामिल होंगे। यही नहीं 23 दिसंबर को सुबह 11 बजे गीता के तीन श्लोकों की गूंज चाराें ओर सुनाई देगी वहीं 12 बजे थीम पार्क में 18 हजार स्कूली बच्चे थीम पार्क में गीता श्लोकोच्चारण करेंगे। यहां तक कि 17 दिसंबर को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भी होने वाली अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी में देश-विदेश के संत समाज के लोग जुड़ेंगे। यहीं नहीं 48 कोस के हर तीर्थ पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।



हर कार्यक्रम गीता संदेश पर केंद्रित : सिंघल
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि महोत्सव में अध्यात्मक, संस्कृति व कला को ही प्रधानता दी गई है। हर कार्यक्रम को गीता संदेशों से ओतप्रोत रखा गया है। आम लोगों से लेकर सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के साथ-साथ संत समाज भी इसके लिए आगे आया है। यही महोत्सव की सार्थकता होगी।

कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उत्तरा

कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उत्तरा

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