कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में इस बार असम राज्य पार्टनर होगा जबकि मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पंडाल पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर पुरुषोत्तमपुरा बाग में लगाया जाएगा। समारोह को लेकर प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है, जिसके चलते हर आयोजन के लिए कमेटियां गठित कर दी गई है।
समारोह की तैयारी को लेकर बुधवार को जिला सचिवालय में प्रशासनिक स्तर पर अहम बैठक हुई, जिसमें कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एडीसी अखिल पिलानी ने कहा कि महोत्सव के हर पल को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए सभी को मिलकर सांझे प्रयास करने होंगे। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन ब्रह्मसरोवर पर सात दिसंबर से लेकर 24 दिसंबर तक किया जाएगा।
बैठक में पहले कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने बताया कि इस वर्ष गीता जयंती 23 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन दीपोत्सव, दीपदान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और 18 हजार विद्यार्थियों का वैश्विक गीता पाठ होगा। इस वर्ष मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार पहली बार महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम आठ दिन के होंगे, यह कार्यक्रम 17 से 24 दिसंबर तक आयोजित किए जाएंगे। 48 कोस निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा ने भी अपने सुझाव देते हुए कहा कि शिल्प मेले में देश के प्रत्येक राज्य से अच्छे शिल्पकार को आमंत्रित किया जाए और प्रदेश के प्रत्येक राज्य के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन करवाया जाए।
एडीसी ने कहा कि समारोह के आयोजन को लेकर अलग-अलग कमेटियों का गठन कर दिया गया है और प्रत्येक कमेटी की जिम्मेवारी एक आला अधिकारी को सौंपी गई है। इस वर्ष असम राज्य महोत्सव में पार्टनर राज्य के रूप में अपनी भूमिका अदा करेगा। इस वर्ष भी हरियाणा पैवेलियन, जनसंपर्क विभाग की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी, हरियाणवी सांस्कृतिक कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, 18 हजार बच्चों का वैश्विक गीता पाठ, गीता रन, शैक्षणिक गतिविधियों, महाआरती, दीपदान, गीता शोभायात्रा, पुस्तक मेला, संत सम्मेलन, हरियाणा पैवेलियन, भजन संध्या, 48 कोस तीर्थ सम्मेलन, संत सम्मेलन, फूड फेस्टिवल, जीओआई टैग प्रदर्शनी, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के द्वार प्रदर्शनी, ऑनलाइन गीता क्विज के साथ-साथ स्कूली विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों के लिए कमेटियों का गठन कर दिया गया है।