कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव को और अधिक व्यापक और आकर्षक बनाने के साथ इसी से ही खर्च निकालने का फार्मूला कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को दिया था, जो केडीबी को रास आ गया जिससे बोर्ड मालामाल भी होने लगा है। इस बार केडीबी ने करीब ढाई करोड़ तक का लक्ष्य रखा है। जो पिछले साल से करीब एक करोड़ अधिक होगा। अभी तक पूरी हो चुकी प्रक्रिया के तहत ही केडीबी इस लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है जबकि अभी कुछ कार्य बाकी भी है। भले ही इस बार करीब चार करोड़ रुपये महोत्सव पर खर्च किए जाने का अनुमान है, लेकिन पिछली आमदनी को देख केडीबी की बांछें खिली हुई है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के सुझाव के बाद ही पिछले वर्ष से केडीबी ने महोत्सव के दौरान पवित्र ब्रह्मसरोवर तट व आसपास के एरिया में दुकानें एवं अन्य व्यवसायिक गतिविधियां चलाने के लिए जगह को किराए पर देना शुरू किया था। इससे केडीबी को करीब डेढ़ करोड़ की आमदनी हुई थी। इस बार भी लक्ष्य करीब ढाई करोड़ तक तय किया गया है, जो दुकानों व व्यवसायिक गतिविधियों के लिए किए गए आवंटन से पूरा होता दिखाई दे रहा है। संवाद
इस तरह हुई केडीबी को आमदनी
केडीबी के मिली जानकारी के मुताबिक महोत्सव के दौरान लगाए जाने वाले झूलों से ही सबसे ज्यादा आमदनी हुई है, जो करीब एक करोड़ एक लाख रुपये है। पिछले साल झूले लगाने की जगह का किराया केडीबी को करीब 60 लाख रुपये मिला था। यहीं नहीं इस बार छह फूड कोर्ट लगेंगी, जिनसे करीब 44 लाख रुपये आमदनी किराए के तौर पर हुई है जबकि पिछले साल से कहीं ज्यादा है। यहीं नहीं व्यवसायिक गतिविधियों के लिए ब्रह्मसरोवर तट पर ही 25 दुकानें इस बार करीब 27 लाख रुपये तक गई है। उधर केडीबी द्वारा किए जाने वाले खर्च में सबसे अहम पूरे महोत्सव के दौरान ब्रह्मसरोवर से लेकर अन्य जगहों पर टेंट, बिजली, साउंड सिस्टम, कलाकारों के ठहराव, खाना, रिफरेशमेंट पर खर्च होता है जबकि अन्य अनेक प्रकार के खर्च भी होते हैं। केडीबी कार्यालय में 80 दुकानों के लिए ड्रा वीरवार को भी किया गया।
22 फूड स्टॉलों का आवंटन चार को
22 फूड स्टॉल का आवंटन चार दिसंबर को किया जाना तय किया गया है। इससे भी केडीबी को करीब 20 लाख की आमदनी होने की उम्मीद जताई जा रही है। कई ब्रांडेड कंपनियां भी अपने उत्पाद का महोत्सव के दौरान प्रचार करने में रूचि दिखा रही है।
तय शर्तों अनुसार ही की जा रही दुकान आवंटन की प्रक्रिया : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि तय की गई शर्तों व नियमों के अनुसार ही ब्रह्मसरोवर तट व आसपास के एरिया में दुकानें व अन्य जगहों का आवंटन किया जा रहा है। इस बार पिछले साल के मुकाबले अधिक आमदनी होने का अनुमान है। अधिकतर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।