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अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव : ब्रह्मसरोवर तट पर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी किशनगढ़ी चित्रकला

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कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर तट पर अपनी पेंटिंग को प्रद​र्शित करते पुष्पेंद्र साहू।
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में ब्रह्मसरोवर तट पर अजमेर के कलाकार पुष्पेंद्र साहू ने अपनी अद्भुत कला को किया प्रदर्शित किया है। किशनगढ़ चित्रकला में इनके परिवार की पुश्तैनी माहिरी होने के चलते पुष्पेंद्र साहू ने इस कला को अपनाया और इस बार महोत्सव में अपनी कुछ बेहद खूबसूरत और बारीक काम वाली पेंटिंग लेकर पहुंचे हैं। उनकी ओर से बनाई गई बनिठानी और पिछवाई पेंटिंग काफी मशहूर है।
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कलाकार पुष्पेंद्र साहू ने बताया कि इस कला का प्रयोग भारत सरकार के द्वारा डाक टिकट पर भी किया जा चुका है। इस कला से बनी मशहूर पेंटिंग इंडियन मोनालिसा ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपनी जगह बनाई हैं, जो सावन सिंह जी के शासनकाल में निहाल चंद कलाकार ने बनाई थी। पुष्पेंद्र साहू की सबसे बेहतरीन कामों में से एक पेंटिंग है दोहरे महारास लीला पेंटिंग। इसका मूल्य डेढ़ लाख रुपये से दो लाख रुपये तक है और ये इनकी सबसे महंगी पेंटिंग है। साहू ने पुराने पोस्टकार्ड और प्राचीन स्टांप पर भी छोटे चित्रों का निर्माण किया है, जिनमें सबसे सस्ता पोस्टकार्ड चित्र 250 रुपये की है।
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