कुरुक्षेत्र। गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में आयोजित दो दिवसीय पुस्तक मेला रविवार को संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य पुस्तकों और उनके लेखकों की विचारधारा से पाठक वर्ग और साहित्य प्रेमियों को परिचित करवाना था। इस मेले के दूसरे दिन भी कार्यक्रम में लगभग 1500 लोग शामिल हुए, जिनमें बड़ी संख्या ेमें छात्र भी शामिल रहे। इस आयोजन में लगभग 15 प्रकाशकों और प्रदर्शकों की भागीदारी रही, जिन्होंने विविध विषयों का प्रतिनिधित्व करने वाले हजारों शीर्षकों की एक विस्तृत शृंखला प्रदर्शित की।
मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा ने पुस्तकालय एवं पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जहां पुस्तकों में लिखी गई बातों का एक आधार होता है और वो संदर्भ सहित लिखी जाती हैं, वहीं इंटरनेट से प्राप्त सूचनाएं भ्रम उत्पन्न करती हैं। विशिष्ट अतिथि पूर्व उपाध्यक्ष एवं निदेशक हरियाणा ग्रंथ अकादमी के डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पुस्तकों के माध्यम से अतीत के ज्ञान और अनुभव को संचित किया जाता है, जिससे आने वाली पीढ़ी उसका उपयोग करके लाभान्वित हो सके। प्राचार्य नारायण सिंह ने विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा किताबें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस मौके पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री विजय नड्डा, सह- संगठन मंत्री बाल किशन, कोषाध्यक्ष अश्विनी कुमार, अध्यक्ष, हिंदू शिक्षा समिति हरियाणा ऋषि राज वशिष्ठ, ग्रामीण शिक्षा विकास समिति महामंत्री चेतराम शर्मा, निदेशक, गुलजारीलाल नंदा स्मारक के अध्यक्ष डॉ. ललित गौड़, पवन गुप्ता, डॉ. घनश्याम शर्मा, डॉ. संजीव धीमान सहित सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
विद्यार्थियों द्वारा बनाई प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
विद्यार्थियों द्वारा स्वनिर्मित रचनात्मक प्रदर्शनी लगाई गई, जो कि आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने पेन स्टैंड, पेपरवेट और बुकमार्क जैसी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई। इसी के साथ विद्यार्थियों द्वारा लगाई प्रदर्शनी को अतिथियों ने बहुत सराहा। वहीं विद्यार्थियों द्वारा पुराने वेदों और ग्रंथों को प्रदर्शनी के माध्यम दर्शाया गया। विद्यार्थियों ने बताया कि इसको पुरातन लुक देने के लिए सफेद पेपर पर कॉफी और मोमबत्ती का प्रयोग किया गया। इस प्रदर्शनी में प्रारंभिक वैदिक काल में वैदिक अध्ययन के शीर्ष विश्वविद्यालय, ऋषि-मुनियों को, धर्म-शास्त्रों में वर्ण व्यवस्था समाज को और पुरातन समय में मिलेट्स के प्रयोग को दर्शाया गया। इस प्रदर्शनी को काव्या कालिया, रूपम, मनीष कुमार और अक्षित के सहयोग से बनाया गया जो कि इस मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
कुरुक्षेत्र। पुस्तक मेले में विद्यार्थियों को संबोधित करते कुलसचिव प्रो. सोमनाथ सचदेवा।