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पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का केंद्र बन रहा भारत

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श्रीकृष्णा आयुर्वेद महाविद्यालय में हरियाणवी नृत्य की प्रस्तुति देती छात्राएं। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। भारत पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का केंद्र बनने जा रहा है। आयुर्वेद आम जनता के बीच शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से रोग मुक्त स्वास्थ्य, लंबे जीवन जीने की आवश्यकता और उसके महत्व के बारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह विचार आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव सिंह ने व्यक्त किए। वे श्रीकृष्णा आयुर्वेद महाविद्यालय के खेल परिसर में शुक्रवार को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक और खेल कार्यक्रमों के समापन अवसर पर बोल रहे थे।
इस मौके पर कुलपति डॉ. बलदेव कुमार, प्राचार्य डॉ. देवेंद्र खुराना व कुलसचिव डॉ.नरेश भार्गव ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रतिभागियों, खेलों में विजेता खिलाड़ियों और स्वास्थ्य जांच शिविर व ऑनलाइन कार्यशालाओं की आयोजक टीम को पुरस्कार वितरित किए। कुलपति ने कहा कि स्वस्थ जीवन को बनाए रखने और असाध्य रोगों के बोझ को कम करने में आयुर्वेद कारगर चिकित्सा पद्धति है। भारत में आयुर्वेद का प्राचीन और गौरवशाली इतिहास रहा है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को घर-घर पहुंचाने की आवश्यकता है। केंद्र और राज्य सरकारें भी इसमें अहम रोल अदा कर रही हैं। डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. शंभू दयाल ने भी विचार व्यक्त किए।
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आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र खुराना ने कहा कि लगभग 20 दिन से विभिन्न सांस्कृतिक, खेल और राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाओं के माध्यम से राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य आयुर्वेद को घर-घर तक पहुंचाना है। इसके साथ ही यह हुनर दिखाने और उभारने का भी समय है। इससे आदमी के संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास होता है। सामाजिक दृष्टि से व्यक्ति का व्यक्तित्व श्रेष्ठ होना बहुत आवश्यक है।
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रंगारंग कार्यक्रमों पर झूमे छात्र-छात्राएं
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के समापन समारोह पर छात्र-छात्राओं द्वारा नृत्य व गायन की प्रस्तुतियां दी गई। डी फार्मा प्रथम वर्ष की छात्रा गायत्री, पारुल और संतोश नेग्रुप डांस, डॉ. प्रगती और गायत्री ने एकल नृत्य की प्रस्तुतियां दी। एकल गायन में निखिल, अशमित, हिमांशी और दीपा ने कार्यक्रम को सराबोर किया। इसके साथ ही एथलेटिक्स की एकल, युगल, मिश्रित और क्रिकेट,वॉलीबॉल, कबड्डी, टेबल टेनिस, चेस और कैरम बोर्ड में विजेता को पुरस्कृत भी किया गया।
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