कुरुक्षेत्र। लीबिया से घर लौटे रोहित ने अपनी आपबीती सुनाई। कहा 17 लाख रुपये देकर भी उसे थोड़े से पैसे के लिए बार-बार बेचा गया। काम किया तो खाने के लिए कई दिनों में एक खूबजा दिया जाता था। काम नहीं करने पर सिर्फ मार मिलती थी। मारपीट, भूख-प्यास और बुरे दौर के बावजूद उसने जिंदगी का दामन थामे रखा। हालांकि उसने अपने परिवार से मिलने की आस छोड़ दी थी, मगर उसकी मां की प्रार्थना और बहन की हिम्मत ने उसे दोबारा अपने परिवार से मिला दिया। इसमें एक बड़ा योगदान यूपी के गोरखपुर की मुस्लिम शिक्षक का भी है।
यह बात लीबिया से आठ महीने बाद अपने घर पहुंचे धुराला के रोहित ने बताई। लीबिया जाने से पहले रोहित हेयर-ड्रेसर का काम करता था। उसने इटली जाकर अपने परिवार को खुशियां देने का सोचा था। वहीं रोहित के साथ बातचीत के दौरान उसकी बहन अनीता भावुक हो गई। भावुक होकर उसने सिर्फ एक लाइन में कहा कि मेरे भाई को दूसरी जिंदगी मिली है। इससे पहले रोहित ने अपनी मां सरबती देवी और बहन अनीता के साथ भद्रकाली मंदिर में माथा टेका और लीबिया में फंसे अन्य लोगों के निकलने की प्रार्थना की।
रोहित ने बताया कि उसके परिवार ने दो प्लॉट बेचकर और ब्याज पर रुपये लेकर उसे भेजा था, मगर एजेंट ने उसके साथ 10 और लोगों को धोखे से इटली की जगह लीबिया की राजधानी त्रिपोली भेज दिया। यहां उनके ग्रुप में शामिल युवकों को अलग-अलग माफिया अपने साथ ले गया। त्रिपोली में पहले उसे एक ऑयल कंपनी में काम करने के लिए बेचा गया। कुछ दिन के बाद दोबारा उसे माफिया ने बेंगाजी शहर में बेच दिया। कैथल के कांगथली गांव का मनप्रीत सिंह उर्फ मणि भी उसके साथ ही था। उन दोनों से काफी मेहनत का काम कराया जाता था। काम करने पर खाने के लिए खूबजा मिलता था और नहीं करने पर मार मिलती थी।
माफिया के लोग नशा करके उनके साथ मारपीट करते थे। लाठी, डंडा, पाइप, बेल्ट यहां तक जो सामान हाथ में आया उससे पिटाई की जाती थी। मारपीट करते हुए वे लोग उनसे पैसे की मांग करते थे। खरीद के पैसे पूरे होने तक उनसे काम लिया जाता था और मारपीट होती थी। उसके बाद आगे बेचने की धमकी देकर काम करवाया जाता था। माफिया के साथ उनको पुलिस का भी डर लगता था, क्योंकि पुलिस के हाथ पड़ने का मतलब पूरी जिंदगी जेल में सड़ना था।
रिश्तेदार की हुई मौत
रोहित ने बताया कि लीबिया में उसके दूर के रिश्तेदार टोनी निवासी डेराबस्सी जिला मोहाली पंजाब की मौत हो गई। बताया जा रहा कि पुलिस की छापामारी के दौरान माफिया ने सबको डरा भगा दिया। इस दौरान टोनी दीवार कूदकर भागने लगा तो अचानक नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसके बाद भी उसने वहां कई बुरे मंजर देखे। अमृतसर का एक पूरा परिवार वहां फंसा हुआ है। इसमें व्यक्ति को कहीं आगे भेज दिया, जबकि उसकी पत्नी और दो बेटियां अभी भी फंसी हुई है।
मुस्लिम शिक्षक बनकर आई फरिश्ता
अनीता ने बताया कि मेरे भाई रोहित को लीबिया से निकालने में भारतीय मुस्लिम महिला तबासुम मंसूर फरिश्ता बनकर आईं। उनका बेंगाजी शहर में एक स्कूल है। किसी तरह उसने तबासुम से संपर्क करके रोहित को निकालने के लिए मदद मांगी थी। उन्होंने खुद को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के इलाके की बताते हुए काफी मदद की।