नकली कागजात तैयार कर धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनाने के मामले में पुलिस ने गैंग के पांचवें सदस्य को भी काबू कर लिया है। आरोपी हरिंद्र सिंह वासी हरपुराथाना बटाला जिला गुरदासपुर (पंजाब) को जेल भेज दिया है। यातायात पुलिस उप-अधीक्षक नरेंद्र सिंह ने बताया कि 19 अप्रैल को थाना शहर पिहोवा पुलिस को सूचना मिली कि हरेंद्र सिंह ने दीवान कॉलोनी पिहोवा का फर्जी पता देकर कागजात तैयार कर अपना पासपोर्ट फरवरी 2020 में बनाया था। रिकॉर्ड व मौके की जांच से पता चला कि पासपोर्ट बनाया गया है मगर उसमें दर्शाए गए पते पर कोई हरिंद्र सिंह नहीं रहता है। पुलिस ने फर्जी कागजात तैयार करके पासपोर्ट बनवाने का मामला दर्ज करके जांच स्पेशल डिटेक्टिव सेल को सौंप दी थी, क्योंकि इस प्रकार का मामला पहले भी दर्ज होना पाया गया है। टीम ने गहनता से जांच करते पाया कि इस प्रकार का कार्य मोहित गुगलानी अपने अन्य साथी विक्रम व सुमित के साथ मिलकर कर रहा है। आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लेकर आरोपी मोहित गुगलानी से एक लैपटॉप, एक लाख रुपये व आरोपी विक्रम वर्मा से 15 हजार रुपये सहित डायरी बरामद की थी। मामले में पुलिस ने 19 अप्रैल को आरोपियों का सहयोगी पुलिस कर्मचारी हवलदार अशोक कुमार को गिरफ्तार किया। जांच करते हुए टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर हरिंद्र सिंह को गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। आरोपी ने कबूला कि उसने अपना पासपोर्ट दीवान कॉलोनी पिहोवा के फर्जी कागजात तैयार करा मोहित गुगलानी, सुमित व विक्रम की सहायता से बनाया था। उसे कार में एक पुलिस कर्मचारी अशोक कुमार जो सादे कपड़ों में था, उसने उससे एक दो सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे। पासपोर्ट बनवाने के लिए उसने मोहित गुगलानी को ढाई लाख रुपये अपने भाई मनिंद्र के माध्यम से दिए थे। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।