कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अमित कुमार गर्ग की अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में एक ही गांव के 11 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 11-11 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी विजय कुमार, रिंकू उर्फ राकेश, विक्रम, सुरेंद्र, कर्मबीर उर्फ कर्मू, सुलेख चंद उर्फ सुलेखी, सतबीर, गजे सिंह, रवि कुमार, धनपत राम व पाला राम गांव मिर्जापुर के रहने वाले हैं।
सरकारी अधिवक्ता संदीप सिंगला ने बताया कि दो जून 2012 को थाना केयूके पुलिस को दिए अपने बयान में ईश्वर सिंह वासी मिर्जापुर ने आरोप लगाते हुए बताया था कि वे पांच भाई है और अलग रहते हैं । करीब एक वर्ष पहले उसके भाई रघुबीर का पाला राम व उसके लड़कों के साथ झगड़ा हो गया था, जिसका पंचायत में फैसला हो गया था । 31 मई 2012 को रात करीब 9.30 बजे उसके भाई बलबीर का विक्रम के साथ झगड़ा होने पर चोटें आई थी । वह उसके भाई रघुबीर और बलबीर सिंह पुलिस में शिकायत करने की बातचीत कर रहे थे । उसी समय धनपत व उसके लड़के अजय व विजय, भाई पाला राम व उसके लड़के सुरेंद्र, कर्मबीर, रवि के अलावा गजे सिंह व उसके लड़के सतबीर व रिंकू, तारा चंद व उसका लड़का अनिल कुमार, पाला राम व उसके लड़के विक्रम व सुलेखी डंडे-बिंडे, तलवार व गंडासी लेकर आ गये और हमला कर दिया । आरोपियों ने उसके भाई रमेश के सिर में गंडासी मारकर उसे घायल कर दिया । रमेश कुमार को एलएनजेपी अस्पताल से बाद में पीजीआई रेफर कर दिया गया था। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच सहायक उपनिरीक्षक दयानंद को सौंपी गई थी । 14 फरवरी 2015 को ईलाज के दौरान रमेश कुमार की मौत हो गई थी, जिसके चलते मामले में धारा 302 आईपी भी शामिल की गई थी । बाद में मामले की जांच डीएसपी अशोक कुमार राज्य अपराध शाखा हिसार द्वारा की गई । पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्त में ले लिया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बुधवार को आरोपी विजय कुमार, रिंकू उर्फ राकेश , विक्रम , सुरेंद्र ,कर्मबीर उर्फ कर्मू, सुलेख चंद उर्फ सुलेखी, सतबीर, गजेसिंह , रवि कुमार, धनपत राम व पाला राम को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत उक्त सजा सुनाई।
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11 माह में सुनाई 44 केसों में सजा
सरकारी अधिवक्ता संदीप सिंगला के मुताबिक 11 महीने के दौरान ही अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. अमित कुमार गर्ग की अदालत द्वारा अलग-अलग मामलो के 44 केसों में विभिन्न आरोपियों को सजा सुनाई जा चुकी है ।