संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सावन के महीने में हरियाली तीज का बहुत महत्व है। तीज के दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य व सफलता के लिए रखती हैं। यह बातें केयू के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा रविवार को कहीं। वे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के धरोहर हरियाणा संग्रहालय की ओर से आयोजित धरोहर तीज उत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
कुलपति प्रो. सचदेवा ने कहा सावन के महीने में जब संपूर्ण धरा पर हरियाली की चादर बिछी रहती है, प्रकृति के इस मनोरम क्षण का आनंद लेने के लिए लोग झूले झूलते हैं व लोक गीत अथवा तीज के गीत गाकर उत्सव मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि गत पांच वर्षों से कला सृष्टि मंच भारतीय परंपराओं, त्योहारों और हरियाणवी संस्कृति को कला के माध्यम से उजागर करता आया है।
लुप्त होती संस्कृति व परंपरा को अमली जामा पहनाने और रिश्तों की कड़वाहट को दूर करने की जिम्मेदारी कला सृष्टि मंच समूह निभा रहा है। इस मौके पर डॉ. ममता सचदेवा, कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, सुमिता शर्मा, प्रो. शुचिस्मिता, प्रेरणा संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जय भगवान सिंगला, आशा सिंगला, मंजू सिंगला, धरोहर के क्यूरेटर डॉ. विवेक चावला, कुटा प्रधान डॉ. विवेक गौड, डॉ. जितेन्द्र खटकड़ व लोक संपर्क विभाग के उप-निदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर मौजूद रहे।
दो साल बाद बिरला मंदिर में मनाई तीज
बिरला मंदिर में कोरोना काल के समय सामूहिक तीज महोत्सव पूर्ण रूप से बंद कर दिया था। अब कोरोना काल समाप्त होने पर दो साल बाद मंदिर परिसर में बड़े ही हर्षोल्लास से तीज महोत्सव मनाया गया।
तीज कार्यक्रम में हिस्सा लेते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा व अन्य। संवाद- फोटो : Kurukshetra