कुरुक्षेत्र। नहरों पर नहाने के दौरान होने वाले हादसे रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने उन ग्राम पंचायतों से भी सहयोग मांगा है, जिनके इलाके से होकर नदी व नहर गुजर रही है। पुलिस ने नहर के किनारों पर एडवाइजरी बोर्ड लगा दिए हैं, लेकिन अभी भी लोग इन बोर्ड को नजरअंदाज कर नहर में नहाने के लिए छलांग लगा रहे हैं। नदी व नहर में नहाने के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने यह कदम उठाया है, क्योंकि अब तापमान बढ़ने के साथ लोग नहरों पर नहाने के लिए पहुंच रहे हैं।
पुलिस की ओर से एसवाईएल और नरवाना ब्रांच नहर के किनारों पर पुलिस ने चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। जिन पर नहर में नहाने और कपड़े धोने पर पाबंदी लगाई है। इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी जारी की है। हालांकि लाडवा में पड़ने वाली राक्षी नदी और पश्चिमी यमुना नहर पर चेतावनी बोर्ड नहीं लगे हुए हैं। साथ ही मारकंडा नदी की ओर भी पुलिस का कोई ध्यान नहीं है, लेकिन पुलिस इन जगहों पर गश्त करने का दावा पुलिस कर रही है।
जिले में औसतन गर्मी के सीजन में नहरों पर नहाने के दौरान 100 लोग हादसे शिकार होते हैं। पिछले महीने में ही आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत नहरों में डूबने से हुई थी, जबकि अब तापमान बढ़ना शुरू हुआ है। अगले महीने जून में स्कूलों के अवकाश होने पर नहरों पर बच्चों और युवाओं का जमघट लगना शुरू हो जाएगा। ऐसे में कोई भी हादसा हो सकता है। पिछले महीने और साल में हुए हादसों से सबक लेते हुए पुलिस ने नहरों पर नहाने के लिए आने वाले लोगों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
एक महीने के दौरान हो चुके कई हादसे
पिछले महीने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के बीए फाइनल के छात्र मोहित 21 निवासी डूमरखां जिला जींद की मौत हो गई थी। मोहित अपने दोस्तों के साथ नरवाना ब्रांच नहर में नहाने गया था। वहीं पश्चिमी यमुना नहर में भी दोस्तों के साथ नहाने गए युवक रजत की भी डूबने से मौत हुई थी, जिसमें पुलिस ने उसके पिता की शिकायत पर उसके दोस्तों पर हत्या का मामला दर्ज किया था। गत सप्ताह भी एक छात्र सूरज की पश्चिम यमुना नहर में डूबने से मौत हो गई थी। इसके अलावा फतेह सिंह रोड पिहोवा के एक बुजुर्ग भी नरवाना ब्रांच में बह गया था।
नहरों के किनारे कच्चे तो कहीं जगह पर नहीं जाल
जिले में कहीं जगहों पर नदी और नहरों के किनारे ज्यादा मजबूत नहीं है। इन जगह पर जरा ही लापरवाही भी खतरनाक साबित हो सकती है। इसके अलावा गांव, डेरे, कॉलोनी और सड़कों के किनारों पर नदी और नहरों पर जाल नहीं लगाया हुआ है। इस वजह से भी नहर और नदी पर कई हादसे हो चुके हैं। कई बार तो वाहन ही कच्चे किनारे और जाल के बगैर पानी में गिर जाता है।
कुरुक्षेत्र। नहर किनारे पुलिस की ओर से लगाया गया चेतावनी बोर्ड।