संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों का गुस्सा बढ़ने लगा है। किसानों ने बुधवार को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में बराड़ा रोड पर आंशिक रोष प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने 22 सितंबर शाम तक खरीद शुरू न होने पर 23 सितंबर को सुबह दस बजे जीटी रोड जाम करने की चेतावनी दी है।
चढूनी ने कहा कि आज किसान पुलिस के रोकने से नहीं बल्कि अपनी मर्जी से जीटी रोड पर नहीं गए है। चेतावनी के मुताबिक धान की खरीद शुरू न हुई तो पुलिस की लाठी, गोल और बौछारें किसानों को सड़क जाम करने से नहीं रोक पाएंगी। हालांकि नोडल अधिकारी एसडीएम कपिल शर्मा और डीएसपी रणधीर सिंह ने किसानों से बातचीत की, लेकिन गुरनाम सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि किसानों की चेतावनी को सरकार तक पहुंचा दिया जाए।
इससे पहले पांच जिलों से बड़ी संख्या में किसान मार्केट कमेटी कार्यालय में एकत्रित हुए। किसानों को संबोधित करते हुए चढूनी ने कहा कि इस बार सरकार ने 22 क्विंटल प्रति एकड़ खरीद करने का नियम बनाया है। खेत में फसल 30 से 35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। प्रति एकड़ 30 क्विंटल के हिसाब से फसल खरीदी जाए।
चढूनी ने कहा कि एक अक्तूबर से सरकारी खरीद शुरू करने का वर्षों पुराना नियम है। पहले फसल पकने में चार महीने का समय लगता था, लेकिन अब किसान अर्ली वैरायटी लगाते हैं जिससे फसल तीन महीने में पककर तैयार हो जाती है। इस अवसर पर भाकियू प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस, जसबीर सिंह मामूमाजरा, यमुनानगर प्रधान संजू गुदियाना, कैथल प्रधान महावीर चहल, पंकज हबाना, होशियार सिंह गिल, अंबाला प्रधान मलकीयत सिंह, करनाल से अजय राणा व संदीप सिंगरौरा, इंद्री से भरत चौगामा, कुरुक्षेत्र से कृष्ण कलालमाजरा, पवन बैंस, हरकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
नहीं था पुलिस का पूरा प्रबंध
किसान धरना स्थल से कुटिया चौक तक जलूस की शक्ल में पहुंचे। वहां बेरिकेट की व्यवस्था नहीं थी। किसान पुलिस के रोके रुकने वाले नहीं थे। किसानों ने 23 सितंबर को रोड जाम करने की चेतावनी देकर रोष प्रदर्शन स्थगित कर दिया। हालांकि पुलिस बल पूरी तरह से तैनात था और पुलिस की बस को सड़क के बीचोबीच लगा दिया गया था।
... किसी क्लर्क को भेज देते
रोष प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन को पांच मिनट का समय दिया कि कोई अधिकारी आकर बातचीत करें, नहीं तो किसान सड़क पर पहुंच जाएंगे। इस पर शाहाबाद के तहसीलदार मौके पर पहुंचे। इस पर चढूनी ने कहा कि तहसीलदार से अच्छा किसी क्लर्क को किसानों के बीच भेज देते तो अच्छा था। मंडी के नोडल अधिकारी एसडीएम कपिल शर्मा भी करीब 10 मिनट बाद मौके पर पहुंचे, इससे पहले किसान चेतावनी देकर धरना स्थगित कर चुके थे।
किसानों को रोकने के लिए तैनात पुलिस बल। संवाद- फोटो : Kurukshetra