जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सामान्य वायरल के मरीजों की ओपीडी पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल में सामान्य तौर पर 700 से 750 तक ओपीडी रहती है, जिसमें अब करीब 100 मरीज बढ़े हैं। वहीं स्वास्थ्य केंद्रों से भी यही रिपोर्ट मिल रही है। इन मरीजों में खांसी, जुकाम, बुखार की शिकायत ही देखने को मिल रही है, लेकिन चिकित्सकों का मानना है कि उक्त संक्रमण में भी यही लक्षण देखने केे मिल रहे हैं। ऐसे में सतर्कता बेहद जरूरी है।
लोक नायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल की मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अनुपमा का कहना है कि अस्पताल में खांसी, जुकाम व बुखार जैसे मरीजों की संख्या पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ी है, लेकिन यह सामान्य वायरल है। इसे एच3 एन2 इन्फलूएंजा संक्रमण फिलहाल नहीं कहा जा सकता, लेकिन इस संक्रमण के लक्षण कोविड जैसे ही है। यह संक्रमण भी संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने व संपर्क में आने से फैलता है। ऐसे में कोविड नियमों के पालन में गंभीरता दिखानी होगी।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गौरव बताते हैं कि नियमित तौर पर हाथा धोने चाहिए। मास्क का प्रयोग करें। भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें। आंख व नाक को छूने से बचें। तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करें। ताजा भोजन खाएं। पानी उबाल कर पिएं। मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के चलते बचाव हर इंसान को अपना बचाव रखना चाहिए।
सीएमओ सुखबीर सिंह सैनी का कहना है कि संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। कोविड की तर्ज पर ही जिला स्तर पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जगमेंंद्र सिंह को जिला स्तर पर व डॉ. अनुपमा को स्थानीय स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। 10 बेड इस संक्रमण से ग्रस्त मरीजों के लिए रिजर्व कर दिए गए हैं।
विभाग के पास संक्रमण जांच के लिए लैब है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैंपल दिल्ली भी भेजे जा सकते हैं। फिलहाल दवाइयां विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में है तो इस संक्रमण को लेकर जांच किट भी एक-दो दिन में आने की उम्मीद है। उसके बाद जांच अभियान चलाया जाएगा।