पिछले करीब 20 दिनों से उमस भरी गर्मी का सामना कर रहे धर्मनगरी के लोगों को बुधवार की सुबह बड़ी राहत मिली। कुरुक्षेत्र में अचानक हुए मौसम में बदलाव से जोरदार बारिश शुरू हुई। इस बारिश से धान उत्पादक किसानों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। क्योंकि कई दिनों से बारिश न होने से किसानों में चिंता बनी हुई थी और गर्मी का असर धान की फसल पर पड़ने लगा था। हालांकि बारिश होने से कहीं-कहीं पानी भर गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नारनौल में रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश
नारनौल और आसपास के क्षेत्र में रात से रुक-रुक कर बरसात जारी है। जिसके कारण तापमान में गिरावट देखने को मिली है। वहीं किसानों ने भी इस बारिश को फायदेमंद बताया है।
सामान्य से 83 प्रतिशत कम बारिश, सूखने लगी फसलें
हिसार में इस माह में मानसून रुठा रहने के कारण सामान्य से 83 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अगस्त के 22 दिनों में सामान्य 69.9 की तुलना में 11.7 एमएम बारिश ही दर्ज की गई है। बारिश न होने से उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना बेहाल किया हुआ है। बारिश की कमी के कारण अब फसलें सूखने लगी हैं। अगर एक सप्ताह तक बारिश नहीं हुई तो नुकसान तय है।
बालसमंद,अग्रोहा एरिया में फसलें सूखने के कगार
बालसमंद व अग्रोहा के किसानों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर स्पेशल गिरदावरी कराने की मांग की है। किसान डीजल इंजन, ट्यूबल , समर्सिबल के सहारे फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। पानी कि कमी से 50 प्रतिशत भी ज्यादा खराब हो चुकी है। प्रदेश के उत्तरी पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में 21 से 23 अगस्त के दौरान जबरदस्त बारिश की संभावना है। हिसार जिले में अभी छिटपुट बारिश के ही आसार बन रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 27 अगस्त तक जिले में जोरदार बारिश की उम्मीद नहीं है। भीषण गर्मी के चलते बिजली की डिमांड लगातार बढ़ रही है।
सूखे की गिरदावरी करवाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
बालसमंद सब तहसील के किसानों ने सब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विशेष गिरदावरी की मांग की है। संयुक्त किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र आर्य ने बताया कि अगस्त माह में बालसमंद क्षेत्र में बारिश न होने के कारण फसलें सूख गई हैं। मूंग, ग्वार और कपास की फसल में सबसे अधिक नुकसान है। फसलों के नुकसान के आकलन के लिए स्पेशल गिरदावरी की जाए। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल और ई क्षति पोर्टल दोबारा खोला जाए।