कुरुक्षेत्र। जानकारी देते हुए हरियाणा कमेटी के प्रधान भूपिंद्र सिंह असंध। संवाद
कुरुक्षेत्र। बच्चे देश व कौम का भविष्य हैं। इसलिए उन्हें बचपन में ही गुरमत और धर्म की जानकारी देना बहुत अनिवार्य है। इसी उद्देश्य को लेकर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी द्वारा बाला प्रीतम दूसरा गुरमत प्रशिक्षण शिविर लगाया गया है। यह कहना है कमेटी प्रधान भूपिंद्र सिंह असंध का। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही आठवीं पंजोखरा साहिब में लगाए गए इस शिविर में 500 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। जिन्हें शिविर के पहले दिन 12 जून से ही धर्म व गुरमत का ज्ञान दिया जा रहा है। शिविर के दौरान दस्तार सजाना, गतका प्रशिक्षण, गुरमत चित्रकारी के गुर सिखाए जा रहे हैं। वीरवार को वे स्वयं शिविर का जायजा लेने पहुंचे और उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उन्हें गुरमत से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कमेटी के प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना ने बताया कि शिविर में सिख पंथ के महान विद्वान बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। इसी शृंखला में वीरवार को अंतरराष्ट्रीय गुरबाणी कथावाचक ज्ञानी साहब सिंह शाहाबाद मारकंडा वालों ने बच्चों को गुरबाणी से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें गुरमत का महत्व समझाया।
अजराना ने कहा कि बच्चों का जीवन कोरे कागज की तरह होता है, उस पर जो भी छाप छोड़ो, वे उसे जीवन भर नहीं भूलते। इसलिए हरियाणा कमेटी ने बच्चों को धर्म, गुरमत व गुरु साहिबान के जीवन इतिहास की जानकारी देने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने बताया कि शिविर में अंबाला शहर, कैंट व जिला के आसपास के गांवों से भाग ले रहे बच्चों को हरियाणा कमेटी के अधीन चल रहे शिक्षण संस्थान की बसों से घर से लेकर आने व छोड़कर जाने का प्रबंध भी किया गया है। शिविर में प्रसिद्ध कवि तथा रिटायर प्रिंसीपल गुरचरण सिंह जोगी, कॉलेज प्रिंसीपल सुखदेव सिंह, प्रचारक गुरजोत सिंह ने बच्चों का मार्गदर्शन किया।