कुरुक्षेत्र। संस्थानम में श्रीमद्देवी भावगतम कथा के दौरान प्रवचनों का आनंद लेते श्रद्धालु। आयोज
कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम् में श्रीमद्देवी भागवतम् कथा के तहत प्रवचन शृंखला चली। कथाव्यास गुरुचरण दास ने इस दौरान रक्तबीज दैत्य के वध का प्रसंग विस्तारपूर्वक सुनाया। रक्तबीज शुंभ और निशुंभ की सेना का शक्तिशाली सेनापति था। उसे वरदान था कि रक्त की एक बूंद गिरने पर नया रक्तबीज उत्पन्न होगा। देवी दुर्गा और अन्य देवियों के प्रहार से हजारों रक्तबीज पैदा हो गए। इससे चारों तरफ त्राहिमाम मच गया। माता दुर्गा के क्रोध से मां कालरात्रि का रौद्र रूप प्रकट हुआ। माता काली ने रक्तबीज का खून जमीन पर गिरने से पहले ही चाट लिया। बिना रक्त जमीन पर गिरे, माता काली ने रक्तबीज का अंत कर दिया। आरती में गोपाल शर्मा, मनोज गुप्ता, सदानंद शर्मा, गुरमुख सिंह, सन्नी राणा, संजीव, प्रदीप, मोहित शर्मा, हर्षित और रक्षित सहित अन्य मौजूद रहे।