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Kurukshetra: जेल से बाहर आए गुरनाम चढूनी का हुआ स्वागत, बोले- मनोहर लाल CM के काबिल नहीं, विज या कोई और बने

Thu, 15 Jun 2023 06:14 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

गुरनाम सिंह चढूनी ने जेल से रिहा होते ही कहा कि सरकार को सूरजमुखी का भाव भी देना पड़ा तो हमें रिहा भी करना पड़ा। भविष्य में किसानों के किसी भी मसले को लेकर वह चुप नहीं बैठेंगे और किसानों की लड़ाई ऐसे ही लड़ते रहेंगे। 
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जेल से बाहर आए गुरनाम सिंह चढूनी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कुरुक्षेत्र में गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य किसान नेताओं को कोर्ट की ओर जमानत मिल चुकी है। गुरुवार शाम को जेल से रिहा हुए गुरनाम सिंह चढूनी वह अन्य किसानों का किसानों ने फूल मालाओं व ढोल नगाड़े के साथ जोरदार स्वागत किया। पीपली देवीलाल पार्क में भी स्वागत होगा। फिर विशाल काफिले के साथ शाहबाद रवाना होंगे। जहां किसान रेस्ट हाउस में भी जोरदार स्वागत किया जाएगा।

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गुरनाम सिंह चढूनी ने जेल से रिहा होते ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल को निशाने पर लिया और बोलो कि यह मुख्यमंत्री पद के काबिल नहीं उनकी जगह अनिल विज व किसी अन्य नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। यह उनकी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से अपील है। उन्होंने कहा कि उन पर व अन्य किसानों पर धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था। यह मुकदमा पूरी तरह से फर्जी दर्ज किया गया था और जब किसान सड़कों पर उतरे तो सरकार को मुंह की खानी पड़ी। सरकार को सूरजमुखी का भाव भी देना पड़ा तो हमें रिहा भी करना पड़ा। भविष्य में किसानों के किसी भी मसले को लेकर वह चुप नहीं बैठेंगे और किसानों की लड़ाई ऐसे ही लड़ते रहेंगे। वह पहलवानों के आंदोलन को भी समर्थन करते हैं और किसी भी प्रकार से पीछे नहीं हटने वाले हैं।

कुरुक्षेत्र जेल - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को जवाब देने को लेकर नोटिस जारी किया
गत दिवस जेल में बंद चढूनी सहित नौ किसानों की जमानत के लिए याचिका लगाई गई थी और शाम तक संभावना जताई जाती रही कि अदालत फैसला देगी, लेकिन अदालत ने गुरुवार के लिए पुलिस को जवाब देने को लेकर नोटिस जारी किया।
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गुरनाम सिंह चढूनी की रिहाई को लेकर उमड़ी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सरकार ने इन किसानों को रिहा करने की मांग मानी थी
आज पुलिस द्वारा जवाब दिए जाने उपरांत बहस होगी, जिसके बाद ही अदालत फैसला सुनाएगी। जमानत मंजूर होने पर किसान नेता जेल से रिहा हो पाएंगे। बता दें कि किसानों के आंदोलन के चलते सरकार ने इन किसानों को रिहा करने की मांग मानी थी, जिसके बाद गत दिवस बुधवार को पुलिस विभाग की ओर से लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई थी।
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