कुरुक्षेत्र। दुकान की खरीद-फरोख्त में 34.65 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने दादा, पिता व पुत्र को नामजद किया है। आरोपियों ने शिकायतकर्ता के साथ पिपली नई अनाज मंडी में दुकान बेचने के लिए 68 लाख रुपये में सौदा तय किया था।
मनीषा निवासी खेड़ी मारकंडा ने सदर थाना पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाते हुए बताया है कि उन्होंने अपनी फर्म के लिए पिपली की नई अनाज मंडी में एक दुकान खरीदने का सौदा सेक्टर-सात वासी देसराज के साथ किया था। दुकान के लिए 68 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इकरारनामा के अनुसार उन्होंने 34.65 लाख रुपये (10-10 लाख रुपये के तीन चेक और एक चेक 4.65 लाख रुपये) 16 जुलाई 2022 को आरोपियों को दिए थे। रजिस्टरी की तारीख 15 अगस्त निश्चित की थी। इस दिन सरकारी अवकाश होने के कारण कार्यालय सब- रजिस्टार कार्यालय बंद था। इस कारण शिकायतकर्ता को इकरारनामा की शर्तों के अनुसार रजिस्टरी कराने के लिए 16 अगस्त को जाना था। वह 16 अगस्त को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक कार्यालय सब-रजिस्टार थानेसर में बकाया राशि के चेक, रजिस्ट्री खर्च व अन्य खर्च के लिए राशि के लेकर मौजूद रहे, मगर आरोपी मौके पर नहीं पहुंचे थे।
शक होने पर उन्होंने रिकॉर्ड की जांच कराई तो पाया कि देसराज ने पहले ही यह दुकान अपने बेटे सतपाल सिंगला के नाम 17 जुलाई 2014 में तब्दील की गई है, जबकि इकरारनामे पर सतपाल सिंगला व सागर ने भी बतौर सहमति अपने हस्ताक्षर किए थे। आरोपियों ने सोची समझी साजिश के तहत 34.65 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। उन्होंने आरोपियों से अपनी राशि वापस देने की मांग की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी देसराज, सतपाल और सागर के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।