संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पवित्र ग्रंथ गीता से ऑस्ट्रेलिया और भारत के लोगों में सहयोग की भावना और अधिक मजबूत होगी। इस पवित्र ग्रंथ गीता के मिलने से आनंद की अनुभूति हो रही है। ऑस्ट्रेलियाई संसद के अध्यक्ष मिलटॉन डिक ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी में डीएपीएस मंदिर में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और हरियाणा एसोसिएशन ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2023 को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने मिलटॉन डिक को पवित्र ग्रंथ गीता भेंट की।
इससे पहले अध्यक्ष मिलटॉन डिक, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, स्वामी अर्ष पुरुष दास, स्वामी आत्मेशानंद, काउंसिल जरनल ऑफ इंडिया के मानद अर्चना सिंह, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, एएचए से सेवा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पवित्र ग्रंथ गीता को हाथ में लेने के बाद संसद अध्यक्ष मिलटॉन डिक ने अपने मन की भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता का मिलना उनके जीवन का एक स्वर्णिम क्षण है। पवित्र ग्रंथ गीता के मिलने से ऑस्ट्रेलिया में लोगों में भारत के प्रति सहयोग की भावना और मजबूत होगी। इसके साथ ही भारत के साथ संबंधों में भी मजबूती आएगी।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश विश्व के कोने-कोने तक पहुंचे। इसी उद्देश्य को लेकर इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया में भी 28 से 30 अप्रैल 2023 तक अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव के कार्यक्रमों को लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस मौके पर चंद्रकांत शर्मा, विजय रेडू, मंजीत, सतपाल, सन्नी, विजय नरुला, प्रदीप मित्तल, राजेश, राजेंद्र सहित विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के लोग उपस्थित रहे।