कुरुक्षेत्र। गीता परिवार की ओर से पंजाबी धर्मशाला में आयोजित गीता कंठनाद महोत्सव आध्यात्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। 27 मार्च से शुरू हुए इस कार्यक्रम ने अपनी अमिट छाप छोड़ी। कार्यक्रम अंतिम दिन शनिवार देर शाम को संपन्न हुआ जिसमें योग ऋषि स्वामी रामदेव भी पहुंचे। वहीं स्वामी गोविंद देव गिरी और स्वामी ज्ञानानंद भी उपस्थित रहे। रविवार को भी धार्मिक यात्रा निकाली गई, जो पंजाबी धर्मशाला से शुरू होकर विभिन्न धर्मशालाओं से होते हुए वापस पंजाबी धर्मशाला में लौटी। इस यात्रा के जरिये भी गीता को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता मानवता के सभी संकटों का समाधान है और इसके ज्ञान को जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक हजार गीता व्रतियों को साक्षात चलती फिरती गीता की मूर्ति बताते हुए उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में इस दौरान बताया कि लर्न गीता अभियान में अब 15 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं जिससे यह पहल वैश्विक रूप ले रही है।