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जी का जंजाल बना गेट पास, अनाजमंडी हुई जाम

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अनाजमंडियों में धान की सरकारी खरीद शुरू होने के तीसरे दिन ही व्यवस्था चरमराने लगी है, जिससे प्रशासन द्वारा किए गए दावों की पोल खुलने लगी तो वहीं किसानों को भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। किसानों के लिए गेट पास जी का जंजाल बनने लगा है तो धान से मंडी भी अटने लगी है। अब व्यवस्था बनाए रखने को लेकर अधिकारियों के पसीने छूटने लगे हैं।
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सोमवार को सुबह से ही थानेसर अनाजमंडी जाम होने लगी, जहां गेट पास के लिए धान से लोड ट्रैक्टर-ट्राली लाए जाने की शर्त ने किसानों को परेशानी में डाल दिया। जहां अगले तीन दिन बाद फिर बारिश होने की आशंका जताई जा रही है तो वहीं खरीद शुरू होने के बाद धान की आवक भी तेज हो गई है, जिससे मंडियां धान से अटने लगी है। सोमवार को सैंकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रालियां धान से लोड कर पहुंच गए, जहां गेट नंबर दो पर गेट पास के लिए उन्हें जोर आजमाइश करनी पड़ी। उधर मंडी से लिफ्टिंग कर रहे ट्रक भी जाम में फंस गए और करीब चार घंटे तक जाम जाम के हालात बने रहे।
अनाजमंडी में अब तक 8459 गेट पास काटे जा चुके हैं। छह लाख 16 हजार क्विंटल धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से सोमवार शाम तक तीन लाख 21 हजार 544 क्विंटल धान की खरीद की गई है। सोमवार को भी एक लाख 61 हजार क्विंटल धान की खरीद की गई है। मंडी से अभी तक करीब 30 हजार क्विंटल धान का उठान किया गया है। उधर जिला भर की मंडियों में सोमवार को एक लाख 85 हजार 611 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई।
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मंडी में धान लेकर आए किसान हरभजन सिंह का कहना था कि किसानों के लिए कोई खड़ा नहीं होता। उन्हें सुविधाएं देने को लेकर दावे ही किए जाते हैं। वे तीन घंटे से जाम में फंसे हैं। पहले गेट पास बिना ट्रैक्टर ट्राली के ही काट दिया जाता था और किसान अपनी सुविधा के अनुसार धान लेकर आ जाता था। अब धान की लोड ट्रैक्टर-ट्राली लाए जाने पर ही गेट पास काटा जा रहा है, जिससे समस्या बढ़ गई है।
मंडी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि किसानों को यहां कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लिफ्टिंग में तेजी लाई गई है तो वहीं गेट पास काटे जाने में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न आने देने के आदेश दिए गए हैं।
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