चोरी के मामले में 18 साल से भगोड़े अपराधी को पीओ स्टाफ ने धर दबोचा। अपराधी के खिलाफ अदालत की अवमानना का केस दर्ज करके जेल भेज दिया है। 30 अगस्त 2003 को अदालत ने आरोपी को भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। तभी से भगोड़ा अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए इधर-उधर छिपा हुआ था। डीएसपी सुभाष चंद्र ने बताया कि आरोपी दर्शन सिंह वासी कालुबाल कोटला थाना दसुआ जिला होशियारपुर (पंजाब) को साल 1999 थाना बाबैन में दर्ज चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया था मगर जमानत के बाद आरोपी अदालत की नियमित सुनवाई के दौरान पेश नहीं हुआ था। कार्रवाई करते हुए नरेंद्र शर्मा जेएमआईसी कुरुक्षेत्र की अदालत ने 30 अप्रैल 2003 को आरोपी दर्शन सिंह को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया था। आरोपी 18 साल से पुलिस की गिरफ्त से बचकर चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस भरसक प्रयास कर रही थी। 11 अगस्त को भगोड़ा अपराधी पकड़ो प्रकोष्ठ के प्रभारी निरीक्षक दर्शन सिंह, दलबीर सिंह, शीशपाल, गुरलाल, बलविंद्र सिंह की टीम ने दर्शन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दर्ज करके अदालत में पेश किया। अदालत ने दर्शन सिंह को कारागार भेज दिया है। वहीं पीओ स्टाफ ने भगोड़े अपराधी संजीव वासी घोड़ा पिपली थाना बुडिया (यमुनानगर) को साल 2017 थाना केयूके में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में तरुण चौधरी जेएमआईसी कुरुक्षेत्र की अदालत से 26 फरवरी 2021 को भगोड़ा अपराधी घोषित किया था, जिसे काबू करके पीओ स्टाफ ने गिरफ्तार कर लिया।