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Kurukshetra News: राखीगढ़ी खुदाई के अनुभवों से लेकर वैज्ञानिक डॉक्यूमेंटेशन तक, विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक ज्ञान

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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में छह दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका समापन शनिवार को हुआ। कार्यशाला का विषय पत्थर के औजार, मिट्टी के बर्तन और पुरावशेष रहा, जिसमें विद्यार्थियों को पुरातत्व की बुनियादी से लेकर उन्नत जानकारी दी गई। समापन अवसर पर आयोजित शैक्षणिक सत्र में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधीक्षक मनोज कुमार सक्सेना मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने फील्ड-बेस्ड अनुभव साझा करते हुए राखीगढ़ी में की गई खुदाई के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण तथ्यों और चुनौतियों पर प्रकाश डाला, उनके अनुभवों से विद्यार्थियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण समझने का अवसर मिला। वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के सहायक प्रोफेसर डॉ. विकास राणा ने पुरावशेषों पर चर्चा करते हुए वैज्ञानिक डॉक्यूमेंटेशन, सटीक व्याख्या और पुरातत्व को एक व्यवस्थित व वैज्ञानिक विषय के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस मौके पर प्रो. आरके देशवाल, प्रो. कृष्णा रंगा, कुरुक्षेत्र डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। संवाद
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