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Kurukshetra News: विदेश भेजने के नाम पर नहीं थम रही धोखाधड़ी, अब 30.58 लाख ठगे

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कुरुक्षेत्र। जिले में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। विदेश जाने के इच्छुक लोग न केवल बड़ा आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं बल्कि अपनी जिंदगी तक दांव पर लगा रहे हैं। इसी साल ही एक जनवरी से 20 अगस्त तक विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के 104 मामले पुलिस तक पहुंच चुके हैं, जबकि अनेक ऐसे मामले भी है, जो अभी पुलिस तक नहीं पहुंचे। इस अवधि के दौरान दर्ज मामलों में पुलिस ने 54 आरोपियों को गिरफ्तार किया। हाल में पुलिस ने धोखाधड़ी के तीन और मामले दर्ज किए, जिसमें कबूतरबाजों ने 30.58 लाख से ज्यादा की ठगी कर ली।
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थाना केयूके में दर्ज शिकायत में शीशपाल शर्मा निवासी नजदीक बिरला मंदिर ने बताया कि आरोपी दल सिंह, रजनीश और अरविंद ने उसके बेटे दीपक, पुत्रवधू सुमन व पोते देवांश को स्पॉन्सर पर जर्मनी से इंग्लैंड भेजने का आश्वासन दिया था। आरोपी दल सिंह ने 45 दिन में वीजा लगवाने के नाम पर 17 नवंबर को डेढ़ लाख लिए थे। कुछ दिन बाद दल सिंह ने इंग्लैंड की जगह अमेरिका का 10 साल का मल्टीपल वीजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस एवज में आरोपी ने 42 लाख रुपये मांगे थे। आरोपी ने बायोमेट्रिक व वीजा इंटरव्यू की तारीख लेने के लिए साढ़े आठ लाख रुपये मांगे, जिस पर पर उसने 23 जनवरी को आरोपी के खाते में साढ़े आठ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। काफी समय बीतने के बाद भी आरोपी ने उनको अमेरिका नहीं भेजा। शिकायत पर पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

इटली की जगह भेजा अल्बानिया
विजय कुमार निवासी शहजादपुर ने बताया कि आरोपी राजपाल, सुरेंद्र और महावीर से उसकी साढ़े 11 लाख रुपये में इटली भेजने की बात पक्की हुई थी। आरोपियों ने उससे अलग-अलग समय पर 10 लाख 58 हजार 500 रुपये लेकर रशिया और यहां से बेलारुस पहुंचा दिया। यहां एक सप्ताह के बाद डॉन्कर उसे जंगल के रास्ते पैदल ही अल्बानिया लेकर जाने लगे। कुछ देर चलने के बाद डॉन्कर उससे डॉलर और यूरो छीनकर फरार हो गए। जंगल से वापस उसे बेलारुस आना पड़ा। यहां उसने सारी बात परिजनों को बताई तो उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया। कुछ दिन बाद एक अन्य डॉन्कर उसे टैक्सी से अल्बानिया ले गया, जहां पुलिस ने उसको पकड़कर जेल में डाल दिया। 29 मार्च को परिजनों ने पांच लाख रुपये कर्ज लेकर उसे वापस बुलाया। बाद में उसे पता चला कि आरोपियों ने उसे फर्जी वीजा पर भेजा था। आरोपियों ने रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।
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जर्मनी की जगह भेजा दुबई
सुदेश देवी निवासी खैरी ने बताया कि एजेंट जगदीश निवासी डूडी और शुभम निवासी खैरी ने उसके बेटे मुकेश को जर्मनी भेजने के लिए 10 लाख रुपये में बात तय की थी, जिसमें पांच लाख रुपये एडवांस और बकाया रकम जर्मनी पहुंचने के बाद देनी थी। उसकी बातों में आकर उसने पांच लाख रुपये आरोपियों को दिए। आरोपियों ने 22 फरवरी को उसके बेटे को दुबई भेज दिया। कुछ दिन के बाद आरोपियों ने उससे बकाया रकम मांगी और अगली प्रक्रिया शुरू करके जर्मनी पहुंचाने का आश्वासन दिया। उसने अपनी आधी एकड़ जमीन बेचकर आरोपियों को पांच लाख रुपये दिए, मगर आरोपियों ने उसके बेटे को दुबई से जर्मनी नहीं भेजा। किसी तरह उसने अपने बेटे को वापस बुला लिया। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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