कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। किसी मामले के चलते पुलिस कस्टडी गिरफ्त से युवक को छुड़ाने की आड़ में शिक्षामंत्री के पीए, एसपी और एसएचओ के नाम पर एक महिला से 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई। पुलिस ने फिलहाल चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
किशनगढ़ रोड की रहने वाली एक महिला ने पुलिस में शिकायत दी। उसने आरोप लगाया कि उसके बेटे गर्व का किसी मामले में नाम आया, जो गलत है। पुलिस ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। यमुनानगर निवासी श्रेय, अमन और अमन गुलिया नाम युवक उनसे मिले और भरोसा दिया कि वे गर्व को छुड़वा देंगे। श्रेय ने कहा कि उनके पिता बैंक में अफसर है और उनकी यमुनानगर के तत्कालीन शिक्षामंत्री के पीए से पहचान है। उनसे बातचीत कर गर्व को छुड़वा देंगे।
एक जुलाई को आरोपी फिर मिले और कहा कि पूर्व शिक्षामंत्री के पीए, एसपी और एसएचओ को महंगे गिफ्ट देने होंगे, जिस पर 16 लाख रुपये लगेंगे। आरोपियों के कहे अनुसार उन्होंने उक्त रकम का इंतजाम किया। आरोपियों ने पीए और एसपी के नाम पर आठ लाख रुपये लिए तो कुछ ही दिन बाद तीन लाख रुपये एक अन्य पुलिस अधिकारी के नाम पर ले लिए। बाद में एक आरोपी ने कहा कि एसएचओ ने पांच लाख रुपये अलग अकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा तो उसे कुछ शक हुआ।
फिर भी उसने आरोपी के साथ अपने दूसरे बेटे को भेज दिया तो पता चला कि किसी राहुल के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराए गए। आरोपियों से पूछा तो गुमराह करते रहे और कहा कि उनका काम हो जाएगा। जब उसका बेटा दो दिन बाद भी नहीं आया तो आरोपियों ने चार लाख रुपये और मांगे तो वह हैरान रह गई। वह उनकी मंशा जान गई तो नौ जुलाई को जब एक पुलिस अधिकारी से संपर्क किया तो उसने बताया कि उनकी ऐसी किसी से कोई बात नहीं हुई है और न ही वे ऐसे किसी व्यक्ति को जानते हैं। इसके बाद आरोपियों से पैसे वापस दिए जाने को कहा तो गुमराह करने लगे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।