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Kurukshetra News: प्रधानमंत्री आवास योजना की आड़ में चल रहा फर्जीवाड़ा

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कुरुक्षेत्र। प्रधानमंत्री आवास योजना की आड़ में फर्जीवाड़ा का नाम नहीं ले रहा है। हर माह दर्जनों लोगों को शिकार बनाया जा रहा है, जो नगर परिषद के चक्कर काटने को मजबूर है। आरोपी न केवल आवेदनकर्ताओं का डाटा चोरी कर नगर परिषद के कर्मी के तौर पर उनके पास पहुंच रहे हैं बल्कि उन्हें योजना का पूरा लाभ दिलाने का भी भरोसा दे रहे हैं।
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बता दें कि सरकार की ओर से गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों के सिर पर छत देने को लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई हुई है। इसके तहत आवेदनकर्ता को नियमों के मुताबिक डेढ़ लाख व ढाई लाख रुपये तक की सहायता नगर परिषद के जरिए दी जा रही है। इसके लिए नगर परिषद के पास आवेदनों की भरमार है, जिसमें से चिह्ति आवेदनकर्ताओं को योजना का लाभ मिल पाता है। एक कमरे के लिए डेढ़ लाख रुपये तो दो कमरों के लिए ढाई रुपये की सहायता दी जा रही है।
इस योजना की आड़ में लोगों के साथ फर्जीवाड़ा करने को लेकर लंबे समय से गिरोह सक्रिय है। पीड़ितों व जानकारों की माने तो गिरोह के लोग परिवार पहचान पत्र व अन्य जरिए से आवेदनकर्ताओं का रिकाॅर्ड चोरी कर नगर परिषद के कर्मचारी के तौर पर उन तक पहुंच रहे हैं। खुद को नप का कर्मचारी बताने पर लोग उन पर भरोसा कर लेते हैं और इसी का फायदा उठाते हुए न केवल उनसे एक हजार से लेकर तीन हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है बल्कि उन्हें भरोसा दिया जाता है कि योजना का पूरा लाभ लेने के लिए उन्हें नप कार्यालय भी पहुंचना पड़ेगा।
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नप कार्यालय जाकर ठगी का पता चला
ठगों का शिकार बने वशिष्ठ कॉलोनी, कैलाश नगर, दीदार नगर सहित कई अन्य क्षेत्रों के लोगों ने बताया कि उनके पास दो से तीन लोग पहुंचे, जिन्होंने खुद को नप का कर्मचारी बताया। उनके पास उनका पूरा रिकार्ड भी था तो योजना की भी जानकारी थी। उन्होंने योजना का लाभ दिलाने के लिए दो से तीन हजार रुपये तक ले लिए और नप कार्यालय जाने को कहा। जब वे नप कार्यालय पहुंचे तो उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला।



लगातार सामने आ रहे मामले : अंजू
योजना का कार्यभार संभाल रही नगर परिषद अधिकारी अंजूबाला का कहना है कि उनके पास भी ठगी का शिकार हुए लोग लगातार आ रहे हैं। ठग लोगों को फर्जी मोबाइल नंबर तक देते हैं। इस संबंध में पहले भी मामला दर्ज करवाया जा चुका है अब फिर ये मामले बढ़ने लगे हैं। लोगों को चौकस रहना चाहिए। इस योजना के तहत किसी प्रकार की फीस नहीं ली जाती। ऐसे लोगों के झांसे में नहीं आना चाहिए।
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