कुरुक्षेत्र। फूड इंस्पेक्टर के इकलौते बेटे की देर रात सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की शिनाख्त आर्यन (21) निवासी इंद्रप्रस्थ कॉलोनी उकलाना जिला हिसार के रूप में हुई। आर्यन पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ का बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था। शव के पोस्टमार्टम के दौरान सिर से गोली बरामद हुई तो हत्या का मामला उजागर हुआ। पुलिस ने पहले सड़क हादसे का मुकदमा दर्ज किया था।
थाना लाडवा में दर्ज शिकायत में विकास कुमार निवासी उकलाना ने बताया कि वह फूड सप्लाई विभाग में इंस्पेक्टर है और ड्यूटी उकलाना मंडी में लगी हुई है। 11 सितंबर को उसके बेटे आर्यन की उससे मोबाइल पर बातचीत हुई थी। उस समय आर्यन चंडीगढ़ में था। वीरवार-शुक्रवार रात करीब दो बजे आर्यन के मोबाइल नंबर से उसके पास कॉल आई थी, जिसमें बातचीत करने वाले ने बताया था कि बाइक से गिरने के कारण आर्यन को चोट लगी गई है। उसका गंभीर अवस्था में कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में उपचार चल रहा है। उसने तुरंत अपने रिश्तेदार को आर्यन को देखने के लिए अस्पताल भेज दिया। उसके रिश्तेदार ने दोबारा कॉल कर उसे बताया कि आर्यन की हालत ज्यादा खराब है। सूचना मिलते ही वह अपने परिवार के साथ अस्पताल पहुंच गया। यहां पर उसे पता चला कि उसके बेटे आर्यन की मौत हो गई है। उसे पता चला कि प्रमोद ने उसके बेटे की बाइक में टक्कर मार दी और सिर में चोट लगने के कारण उसके बेटे की मौत हो गई।
सड़क दुर्घटना का मुकदमा किया दर्ज
पुलिस ने पिता के बयान के आधार पर आरोपी प्रमोद के खिलाफ सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, मगर पोस्टमार्टम के दौरान सिर पर घाव देखकर फॉरेंसिक विशेषज्ञ चिकित्सक ने आशंका जाहिर की। तब पुलिस ने दो चिकित्सकों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया तो सिर से गोली बरामद हुई। चिकित्सकों ने गोली को सील करके पुलिस के हवाले कर दिया।
12 से 24 घंटे के दौरान हुई मौत
फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि युवक की मौत सड़क दुर्घटना में नहीं, बल्कि सिर में गोली लगने से हुई है। प्राथमिक जांच में युवक की मौत 12 से 24 घंटे के अंदर होना लग रहा है। सिर के अलावा युवक की दाहिनी टांग पर रगड़ लगी हुई थी। इसके अलावा शरीर पर कहीं और चोट के निशान नहीं मिले हैं।
11 सितंबर को प्रमोद से मिलने आया था आर्यन
थाना लाडवा प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि इस तरह का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर, जांच अधिकारी उपनिरीक्षक बलबीर सिंह ने बताया कि आर्यन अपने एक दोस्त के साथ 11 सितंबर को प्रमोद से मिलने आया था। वीरवार की शाम को प्रमोद लहूलुहान अवस्था में आर्यन को लेकर लाडवा के निजी अस्पताल लेकर पहुंचा था, मगर अस्पताल संचालक ने जवाब दे दिया था। उसके बाद वह उसे लेकर कुरुक्षेत्र एलएनजेपी अस्पताल आया था। पुलिस को भी अस्पताल से सड़क दुर्घटना में मौत होने का रुक्का प्राप्त हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।