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Kurukshetra News: मौसम में उतार चढ़ाव बना किसानों के लिए परेशानी, अब सताने लगा गेहूं की फसलों में लगने वाली बीमारियों का डर

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इस्माईलाबाद। गांव जंधेडी के समीप खेतों में कीटनाशक दवाइयों का स्प्रे करते किसान। विज्ञ​प्ति
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कुरुक्षेत्र/ इस्माईलाबाद। मौसम में लगातार आ रहे रहे परिवर्तन के चलते कभी ठंड तो कभी तापमान बढ़ने से गर्मी होना किसानों के लिए अब चिंता का विषय बनने लगा है, जिसके चलते किसानों को गेहूं की फसलों में लगने वाली बीमारियों का डर भी अब सताने लगा है। रविवार को भी मौसम में बदलाव नजर आया, जिसके चलते अल सुबह ठंड का असर बना रहा, जबकि सुबह से ही धूप खिल उठी और फिर आसमान में बादल छा गए, जिससे हल्की ठंड का असर भी बना रहा।
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वहीं दोपहर बाद फिर से तेज धूप खिल उठी और आसमान पूरी तरह से साफ होगा। धूप खिलने से तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली और ठंड का असर खत्म हो गया। मौसम में उतार चढ़ाव के चलते जहां किसानों को गेहूं की फसलों की चिंता सता रही है तो वहीं बदलते मौसम के चलते खांसी, बुखार के मामले भी बच्चों से लेकर बुजुर्गों में लगातार बढ़ रहे हैं।

मौसम के तापमान में हो रहा उतार चढ़ाव अब किसानों के लिए भी समस्या बनने लगा है। गेहूं की फसल में दाना पकने को तैयार है, जिसके चलते गेहूं की फसल में अब बीमारी आने का खतरा भी बढ़ने लगा है। इसको लेकर किसानों की चिंता भी बनी हुई है और किसान अपनी फसल को बचाने के लिए कीटनाशक दवाइयों के स्प्रे करने में जुटे हुए हैं।
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किसान रामरतन शर्मा, तरसेम, दीप, राजेश शर्मा, दीपक, अजय, संजीव ने बताया कि दो मार्च को तेज हवा के साथ आई बरसात ने पहले ही गेहूं की फसल को खेतों में बिछा दिया है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है और अब तापमान कम ज्यादा होने के कारण गेहूं की फसल में तेला, पीला रतुआ जैसी बीमारियों के आने का खतरा भी बढ़ बना हुआ है। किसानों ने बताया कि गेहूं खेत में तेला बीमारी का प्रकोप देखा भी गया है। बीमारी बढ़ने के खतरे से डरे किसान गेहूं की फसल को बीमारी के प्रकोप से बचाने के लिए फसल में कीटनाशक दवाइयों का स्प्रे करने में लगे हुए है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के प्रकोप से गेहूं का दाना कमजोर पड़ जाता है।
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