कुरुक्षेत्र। उत्तराखंड घूमने गए शहर के सेक्टर- 4 में रहने वाले एक परिवार पर रविवार-सोमवार की रात बारिश कहर बन टूटी। जिला पौड़ी, ऋषिकेश के यमकेश्वर के नजदीक गांव मोहन चट्टी में भारी बारिश से हुए भूस्खलन की चपेट में आने से परिवार के सभी सदस्य बह गए। यहां ये सभी एक रिजोर्ट में रुके थे। इस हादसे में बैंक प्रबंधक कमल वर्मा (40), पत्नी निशा (36), भतीजा निशांत (18), बेटा निर्मित (10) और साला मोंटी (22) निवासी इसराना, पानीपत की मौत हो गई। हादसे में कमल वर्मा की बेटी कृतिका (7) ही जीवित बची है।
अगले दिन एसडीआरएफ की टीम ने कमल वर्मा, निशा और मोंटी के शव बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिए थे। उसी दिन मोंटी का इसराना में उसके परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। कमल और निशा के शव को एलएनजेपी अस्पताल में रख दिया गया था। दो दिन बाद बुधवार को निशांत और निर्मित के भी शव मिलने की सूचना मिली तो परिजन उनको लेने उत्तराखंड गए। देर शाम तक इन चारों का अंतिम संस्कार किए जाने की तैयारी की जा रही थी।
घूमने था पूरा परिवार
कमल वर्मा यूनियन बैंक शाखा पानीपत में प्रबंधक थे। रविवार को छुट्टी होने के कारण कमल वर्मा अपने परिवार के साथ ममेरे साले मोंटी और भतीजे निशांत के साथ पहाड़ों पर घूमने के लिए गए थे। यहां मोहन चट्टी में बने एक रिजॉर्ट में रुके थे। घटना से ठीक पहले कमल वर्मा ने सकुशल पहुंचने की सूचना अपने दोस्त व परिजनों को दी थी। रात करीब दो बजे परिजनों को हादसे की सूचना मिली थी।
शव पहुंचे तो मची चीख-पुकार
बुधवार देर शाम जैसे ही निशांत और निर्मित के शव सेक्टर-4 पहुंचे तो वहां चीख-पुकार मच गई। अपने दोनों पोतों के शव देखकर माया देवी का कलेजा फट गया। निशांत की मां मोनिका बार-बार बेसुध हो रही थी। वहीं बहन रितिका के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। रिश्तेदार से लेकर आस-पड़ोस के लोग किसी तरह उनको हौसला देने का प्रयास कर रहे थे, मगर इसको देखकर हर किसी की आंखें नम थी।