कुरुक्षेत्र। विश्व डेंगू दिवस से पहले ही जिले की पौध नर्सरी के गमले से डेंगू का लारवा बरामद हुआ। जिला मलेरिया विभाग की ओर से नर्सरी संचालक को नोटिस दिया गया है। गत वर्ष क्षेत्र में बाढ़ के कारण डेंगू के रिकॉर्ड 263 मामले में सामने आए थे, जबकि एक हजार से ज्यादा जगह से डेंगू का लारवा बरामद हुआ था। यह आंकड़ा विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में किया गया था, जबकि हालात यह थे कि निजी अस्पताल मरीजों से भरे पड़े थे। कई अस्पतालों में बेड को लेकर हाहाकार मचा हुआ था।
इसी स्थिति को देखते हुए विभाग ने इस साल की शुरुआत में डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए घर-घर जाकर जांच शुरू कर दी। इसके लिए विभाग की 125 टीमें फील्ड में उतर कर काम कर रही हैं। यह टीमें अभी तक 50,324 घरों और 3,71,522 कंटेनर की जांच कर चुकी है। मलेरिया के लिए 11,503 स्लाइड बना चुकी है। विभाग के मुताबिक जिले में डेंगू और मलेरिया का अभी कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि विभाग ने अभी डेंगू की जांच के लिए किसी के भी रक्त के नमूने नहीं लिए हैं। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद विभाग ने बुधवार को शहर की सभी नर्सरियों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। इसमें नर्सरियों में रखे गमलों व आसपास खड़े पानी की जांच की गई, जिसमें सेक्टर-आठ के निकट की नर्सरी से डेंगू का लारवा बरामद हुआ। इसे लारवा को विभाग ने की टीम ने नष्ट कर दिया। वहीं विभाग की ओर नर्सरी संचालक को नोटिस थमाया गया। लारवा मिलने के बाद विभाग और चौकस हो गया।
दो साल में दोगुने से ज्यादा मिले मामले
पिछले साल जिला कुरुक्षेत्र में डेंगू के रिकॉर्ड 263 मामले मिले थे, जो 2022 की तुलना में दोगुने से भी 55 ज्यादा थे। हालांकि पिछले पांच साल में विभाग दावा कर रहा है कि जिला कुरुक्षेत्र में डेंगू और मलेरिया से किसी की मृत्यु नहीं हुई है बल्कि जिला तीन साल से मलेरिया मुक्त है। विभाग के अनुसार पिछले साल आई बाढ़ से जिले में डेंगू के मरीजा बढ़ गए थे।
विभाग पहले से ज्यादा चौकस : डॉ. सभ्रवाल
जिला मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि पिछले साल बाढ़ आने के बाद विभाग पूरी तरह से चौकस है। साल के शुरुआत में विभाग ने जांच और जागरूकता अभियान आरंभ कर दिया था। अभी जिले में डेंगू व मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं है। विभाग उन स्थानों पर अभियान चला रहा जहां पिछले साल डेंगू के ज्यादा मामले मिले थे। दोबारा भी यहां पर अभियान चलाया जाएगा।