कुरुक्षेत्र। प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान होना जरूरी है। प्राथमिक उपचार की जरूरत कब, किसे, कहां पड़ जाए, कहा नहीं जा सकता है। प्राथमिक उपचार की स्थिति में किसी घायल की जान बचाई जा सकती है। यह विचार डीटीओ अंजू कश्यप ने बतौर प्रशिक्षक व्यक्त किए।
वे जयराम कन्या महाविद्यालय के परिसर में विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। रेडक्रॉस प्रकोष्ठ व राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा रेडक्रास सोसायटी के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस हर साल सितंबर महीने के दूसरे शनिवार के दिन मनाया जाता हैं।
अंजू कश्यप ने कहा कि ऐसे में प्राथमिक उपचार की जानकारी होना हम सभी के लिए बेहद जरूरी है, जिसे ध्यान में रखते हुए विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस मनाया जाता है। यह दिन एक वार्षिक अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण के महत्व को बढ़ावा देना और मुश्किल के समय में अधिक लोगों की जान बचाना है। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. सुदेश रावल ने संयोजिकाओं की सफल आयोजन पर सराहना की।