कुरुक्षेत्र। गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा लुप्त होती विधाओं के लिए प्रशिक्षण देने के लिए शिक्षकों के आवेदन मांगे गए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 10 जून है। इसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशिक्षकों को लोक गायन, लोक गाथा, लोक चित्रकला, लोक नाट्य, दुर्लभ वाद्य यंत्रों, लोक नृत्य विधा के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत चयनित गुरु व शिष्यों को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज द्वारा गुरु को 7500 रुपए प्रतिमाह, संगीतकार को 3750 रुपए प्रतिमाह एवं प्रत्येक शिष्य को 1500 रुपए प्रतिमाह एक वर्ष तक मानदेय प्रदान किया जाएगा।