कुरुक्षेत्र। नियमितीकरण की मांग के लिए लघु सचिवालय में चल रहे अतिथि अध्यापकों के अनिश्चितकालीन धरने के बीच अब महिला अतिथि अध्यापिकाएं भी आंदोलन की कमान संभालेंगी। धरना स्थल से रविवार को घोषणा की गई कि 11 और 12 जुलाई को प्रदेशभर से सैकड़ों महिला अतिथि अध्यापिकाएं कुरुक्षेत्र पहुंचकर प्रदर्शन करेंगी। संगठन का कहना है कि यदि सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश लागू नहीं किए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने के 13वें दिन भी जारी धरने पर बैठे अतिथि अध्यापकों ने कहा कि हम 2014 की नियमितीकरण नीति की सभी शर्तें पूरी करते हैं। सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी नियमितीकरण के पक्ष में फैसले दे चुके हैं, लेकिन सरकार अब तक उन्हें लागू नहीं कर रही है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद अतिथि अध्यापक नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं। अब महिला अध्यापिकाएं भी आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाएंगी और 11 व 12 जुलाई के प्रदर्शन के जरिए सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएंगी।