चौथे दिन भी मगरमच्छ की दहशत बरकरार, अब तालाब किया जा रहा साफ
अधिक जलकुंभी के कारण टीम नहीं चला पा रही पकड़ने के लिए अभियान
सफाई के लिए पोकलेन मशीन लगाई गई पर खराब होने से आई दिक्कत
अब मशीन ठीक कराकर आज दोबारा से किया जाएगा प्रयास, रात में टीम देगी पहरा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। बिशनगढ़ गांव के तालाब से छह फुट लंबा मगरमच्छ काबू नहीं किया जा सका है। उसे पकड़ने के लिए वन्य प्राणी विभाग और गोताखोर प्रगट सिंह की टीम तरह-तरह की जुगत लगा रही है। चौथे दिन भी टीम ने तालाब में मगरमच्छ को पकड़ने का अभियान चलाया, मगर जमा जलकुंभी के कारण मगरमच्छ पकड़ में नहीं आया। लिहाज टीम ने तालाब से जलकुंभी साफ करने की योजना पर काम शुरू कर दिया।
उल्लेखनीय है कि यह मगरमच्छ पिछले करीब एक साल से गांव के तालाब में छिपा हुआ है। यह मगरमच्छ पिछले साल आई बाढ़ के साथ गांव के तालाब में पहुंच गया था। पहली बार तालाब में मगरमच्छ देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने लिखित शिकायत देकर उसे पकड़ने की गुहार लगाई थी, मगर प्रशासन ने उसकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया।
गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि मगरमच्छ को पकड़ने के लिए आवश्यक बंदोबस्त किए गए हैं। तालाब से पानी सरस्वती नदी में छोड़ा गया था ताकि पानी कम होने पर मगरमच्छ की तलाश में अभियान चलाया जा सके, मगर तालाब में जमा जलकुंभी के कारण अभियान नहीं चलाया जा सका। इसके बाद पोकलेन मशीन से जलकुंभी को निकालने का प्रयास किया, लेकिन मशीन का पंखा टूट गया। मशीन की मरम्मत के साथ जलकुंभी को नष्ट करने के लिए ड्रोन की मदद से दवा का छिड़काव किया जा रहा है। उम्मीद है कि कल तक तालाब की सफाई हो जाएगी। इस दौरान तालाब के किनारे पर उनकी टीम पहरा लगाकर बैठी रहेगी। कई ग्रामीण दावा कर रहे हैं कि तालाब में एक नहीं बल्कि दो मगरमच्छ हैं। अब पानी का स्तर कम होने पर टीम अभियान शुरू करेगी, जिसके बाद ही हकीकत सामने आएगी।