फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: आढ़ती व प्रशासन तैयार पर भावांतर योजना के तहत सूरजमुखी बेचने से किसानों का इंकार

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहाबाद। सूरजमुखी की फसल को भावांतर योजना में शामिल करने पर किसानों का विरोध जारी है। वीरवार को पहले दिन ही किसानों ने फसल बेचने से इंकार कर दिया जबकि आढ़तियों से लेकर प्रशासन तक पूरी तैयारी में रहा। किसानों ने ऐलान किया है कि सूरजमुखी की फसल भावांतर योजना में नहीं बेची जाएगी। सरकार इसे एमएसपी पर ही खरीद करे। इसी मांग को लेकर अब भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट की ओर से शुक्रवार को प्रदेशस्तरीय महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
विज्ञापन

बता दें कि बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से सूरजमुखी की फसल को भावांतर योजना में शामिल किए जाने का पत्र किसान यूनियन के पास पहुंचा था, जिसके बाद किसानों में खलबली मच गई। किसानों ने बुधवार को ही आपात बैठक की। साथ ही इस निर्णय को तत्काल वापस लिए जाने की मांग उठाई। वीरवार को फिर किसानों ने सरकार के इस निर्णय पर चर्चा की और इस संबंध में शुक्रवार को महापंचायत बुलाई गई। अब प्रशासन की निगाहें भी किसानों की इस महापंचायत पर टिकी है।

बॉक्स
भावांतर योजना के तहत सुरजमुखी खरीद किसानों के हित में नहीं : राकेश

भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस, ब्लॉक प्रधान हरकेश खानपुर का कहना है कि भावांतर योजना का मतलब है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य व बाजार भाव के बीच का अन्तर देना, जो कि विभाग की ओर से जारी पत्र के मध्यम से खरीद में नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज सूरजमुखी की फसल का बाजार भाव चार हजार से 4200 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि गत वर्ष इसका भाव छह हजार रुपये से 6500 रुपये प्रति क्विंटल रहा है। इस बीच सूरजमुखी की खरीद एमएसपी पर न करके मात्र एक हजार रुपये प्रति क्विंटल देना किसानों के लिए उचित नहीं है।
विज्ञापन


बॉक्स
विधायक कर चुके हैं समर्थन, किसानों के साथ आंदोलन की भी कही थी बात


हरियाणा शुगरफेड के चेयरमेन एवं विधायक रामकरण काला किसानों का समर्थन कर चुके हैं। गत दिवस ही वे किसान रेस्ट हाउस में किसानों के बीच पहुंचे थे, जहां किसानों को आश्वासन दिया कि उनका प्रयास रहेगा कि डिप्टी सीएम से बात करके उनकी फसल एमएसपी पर बिके और खरीद एक जून से शुरू हो जाए। वहीं पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि सरकार ने किसानों की मांग नहीं मानी तो वह भी किसानों के साथ आंदोलन पर बैठेंगे।
बॉक्स
हमारी तैयारी पूरी, किसान तैयार नहीं : एसडीएम
-
एसडीएम कपिल शर्मा का कहना है कि भावांतर योजना के तहत सूरजमुखी खरीद आढ़तियों द्वारा की जानी है और सरकार को भुगतान करना है। आढ़ती व प्रशासन की ओर से सभी तैयारी पूरी है, लेकिन किसान तैयार नहीं है। वीरवार को किसी भी किसान ने फसल नहीं बेची।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें