कुरुक्षेत्र। ट्यूकर बॉर्डर पर काली पट्टी बांधकर धरना देते पंजाब के किसान।
कुरुक्षेत्र/पिहोवा। हरियाणा-पंजाब सीमा से सटे ट्यूकर बॉर्डर पर किसानों का मोर्चा जारी रहा, जहां वे दिनभर शंभू बार्डर से आने वाली कॉल का इंतजार करते रहे। वहीं आंदोलनरत किसानों के आह्वान पर यहां धरनारत किसानों ने शुक्रवार को काला दिवस मनाया। किसानों ने अपनी दस्तार पगड़ी पर काली पट्टी बांधकर हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं कुछ किसान बाजू पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन में शामिल हुए। पिछले सात दिन से पंजाब के किसान मारकंडा पुल पर धरने पर बैठे हैं। इस धरना-प्रदर्शन पर रोजाना कोई न कोई किसान जत्थेबंदी शिरकत करने पहुंच रही है।
उधर, मारकंडा पुल पर जिला पुलिस के साथ अर्ध सैनिक बल के जवान मोर्चे पर तैनात है। जिला पुलिस की धरनारत किसानों की हर गतिविधि पर पैनी निगाह बनी हुई है। किसानों के पुल पर पांव रखते ही पुलिस और आरएएफ के जवान तुरंत हरकत में आ जाते हैं हालांकि अभी तक किसानों की ओर से बॉर्डर पर बनाई किलेबंदी को तोड़ने या पार करने का प्रयास नहीं किया गया है।
भाकियू शादीपुर प्रधान बूटा सिंह ने बताया कि उनका धरना-प्रदर्शन एसकेएम के अनुरूप जारी रहेगा। उनका प्रदर्शन शांतिमय ढंग से चल रहा है। शंभू बॉर्डर से शुक्रवार को काला दिवस मनाने का संदेश मिला था, जिसके तहत किसानों ने दस्तार और बाजू पर काली पट्टी बांधकर हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसकेएम से अगले आदेश आने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
दिन में ज्यादा, रात को किसानों की संख्या रहती है कम
मारकंडा पुल पर पंजाब सीमा से सटे आसपास 20 गांवों के किसान धरना-प्रदर्शन में शामिल प्रतिदिन शामिल हो रहे हैं। दिन के समय किसानों की संख्या ज्यादा होती है और प्रतिदिन विभिन्न किसान जत्थेबंदी सहयोग करती है, मगर शाम ढलते एक या दो गांवों के किसान ही रात में ठहरते हैं।