कुरुक्षेत्र/पिहोवा। वर्ष 2014 में अंबाला-हिसार हाईवे के लिए अधिगृहीत की गई जमीन के मुआवजे के लिए अब किसानों ने तेवर कड़े कर लिए है। बुधवार को हाईवे प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही, जिसके बाद किसानों ने नौ फरवरी तक का प्रदेश सरकार को समय दिया है। इस दिन तक सरकार कोई फैसला नहीं ले पाई तो अगले दिन अजरावर गांव के बस अड्डे पर किसान फिर एकजुट होंगे और कड़े आंदोलन की रणनीति बनाकर आगे कदम उठाया जाएगा।
भाकियू (चढ़ूनी) प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच के मुताबिक जमीन अधिग्रहण का किसानों का करीब 80 करोड़ रुपये का भुगतान बनता है, जो आज भी बकाया है। इसको लेकर भाकियू प्रतिनिधिमंडल ने हाईवे अधिकारियों से बैठक कर चर्चा की, लेकिन अधिकारी कोई फैसला नहीं ले पाए और उच्चाधिकारियों से चर्चा की बात कर मामला फिर लटका दिया गया। ऐसे में किसानों में कड़ा रोष बना हुआ है और अब नौ फरवरी तक इंतजार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़मीन अधिग्रहण एक्ट के मुताबिक मुआवजा राशि किसानों को जारी नहीं की गई।
अंबाला व कैथल जिले में 100 फीसदी मुआवजा दिया गया वही पिहोवा के किसानों को केवल 30 फीसदी ही दिया गया। किसानों का आरोप है कि अंबाला के किसानों की गृहमंत्री अनिल विज ने पैरवी की और मुआवजा की पूरी राशि दिलाई वहीं पिहोवा के किसानों की पैरवी पिहोवा विधायक व राज्यमंत्री नहीं कर पा रहे, जिस कारण पिहोवा के किसान राशि से वंचित रह गए। इस मौके पर बैठक में ब्लॉक प्रधान गुरनाम चम्मू, पिहोवा ब्लॉक प्रधान जोगिंदर काजल, युवा प्रधान सुखविंदर मुकिमपुरा, जरनैल सिंह मल्ली, जश्न उप्पल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।