फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: नई शिक्षा नीति, प्रबंधन एवं सतत विकास उद्देश्यों पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा चार साप्ताहिक फैकल्टी इंडक्शन ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा नई शिक्षा नीति, शिक्षा कला, प्रबंधन एवं सतत विकास उद्देश्यों पर मंथन किया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान से प्रो. केपी कौशिक ने शिक्षण की कला में महारत हासिल करना और कक्षा में सफलता के लिए रणनीति पर प्रतिभागियों को विस्तार से बताया। यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रो. अनिल मित्तल ने प्रबंधन में प्रभावी व्यावसायिक निर्णय लेने की प्रक्रिया एवं भूमिका को समझाया।
विज्ञापन

प्रो. सुप्रण कुमार शर्मा ने सतत विकास उद्देश्य के सुदृढ़ डिजाइन और विकास की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र और संस्थान के विकास की अवधारणा को स्पष्ट किया। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय बिजनेस स्कूल शिमला के वरिष्ठ प्रो. सीएल चंदन ने भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता की अवधारणा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका और भारत के लिए वैश्वीकृत दुनिया में सतत विकास के मुद्दों और चुनौतियों से प्रतिभागियों को परिचित कराया।
अगले सत्र में कुवि के इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने चैट जीपीटी के उपयोगों पर चर्चा की वहीं भूभौतिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. भगवान सिंह चौधरी ने समग्र और बहुविषयक शिक्षा के बारे में विस्तार से बताया। वाणिज्य विभाग के प्रो. महावीर नरवाल ने नैतिक निर्णय लेने के बारे में प्रतिभागियों के साथ चर्चा की और इनरगिज इंडिया की कार्यकारी कोच सुरभि ने शिक्षकों के रूप में प्रशिक्षकों को शक्तिशाली प्रश्न पूछने और सक्रिय रूप से सुनने की कला एवं विज्ञान के बारे में चर्चा की। अंतिम सत्र में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय गुरदासपुर के व्यवसाय प्रबंधन विभाग के प्रो. डॉ. ऋषि राज शर्मा ने अनुसंधान और विकास अवधारणा के तहत शोध लेखन के प्रोटोकॉल के बारे में बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें