कुरुक्षेत्र। ऑनलाइन संगोष्ठी में शामिल होते हुए प्रोफेसर व विद्यार्थी। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के सहयोग से राष्ट्रीय पर्यावरण यूथ संसद 2024 कम्यूनिटी बेस्ड इनिशिएटिव फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर विषय पर ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एचडी चरण मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब हो रही है। मानव ही समस्या का कारण है। मानव को अपनी आदतों में सुधार करना होगा और जरूरतों को कम करना होगा। जीडीपी बेस्ड अवधारणा ही विनाश का कारण है। पड़ोसी देश भूटान जीडीपी को अपना विकास नहीं मानता। वह व्यक्ति की खुशी को विकास मानता है। वसुधैव कुटुंबकम के भाव से जीवन जीना चाहिए।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. अनिल वशिष्ठ ने कहा कि ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से युवाओं में पर्यावरण के प्रति संवेदना व चेतना हमारे व्यवहार में आना शुरू होती है। हमेशा कुछ नया सृजित करते रहने का प्रयास करना चाहिए। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी ने कहा कि पर्यावरणीय समस्याओं के निवारण के लिए आज हमारा समाज एकजुट व जागरूक हो रहा है। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए एक बेहतर अवसर प्रदान करेगा।
प्रतिनिधि श्रीभगवान ने कहा कि प्रत्येक देश बेरोजगारी, आतंकवाद जनसंख्या व अन्य किसी न किसी समस्या से ग्रस्त है, लेकिन पूरा विश्व पर्यावरण की समस्या से जूझ रहा है। मानव को अपना व्यवहार बदलना होगा तभी पर्यावरण संरक्षण हो पाएगा और सुंदर वातावरण स्थापित हो पाएगा। इस मौके पर डॉ. मीनाक्षी सुहाग, उपासना, प्रो. विक्रम कौशिक, डॉ. आर भास्कर, डॉ. दीपक राय बब्बर, डॉ. वीर विकास, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. लता खेड़ा, डॉ. विशाल अहलावत, डॉ. सुमन बाला सहित विद्यार्थी व शोधार्थी मौजूद रहे।