कुरुक्षेत्र। धान खरीद पिछले नौ दिनों से शुरू हो चुकी है लेकिन अभी तक पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ सकी। शुक्रवार को खरीद बेहद कम रही तो वहीं शनिवार को मतदान का भी खरीद व उठान पर पूरा असर रहा। भले ही किसान भी मतदान में शामिल रहे और आवक भी बेहद कम रही लेकिन खरीद शून्य रही तो उठान भी महज 8030 क्विंटल धान का हो सका। शनिवार को अनाज मंडियों में छुट्टी जैसा माहौल रहा तो वहीं आज रविवार को भी छुट्टी रहेगी। ऐसे में पहले से गड़बड़ाई व्यवस्था और भी बिगड़ने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
बता दें कि जिले की 22 अनाज मंडियों में आधा दर्जन से ज्यादा अनाज मंडियों में अभी तक खरीद शुरू तक नहीं हो सकी है तो वहीं शुक्रवार तक कुल खरीद भी महज चार लाख एक हजार 400 क्विंटल ही हुई जबकि उठान भी महज 17 फीसदी तक ही हो पाया है। मौसम साफ रहने के चलते पिछले कई दिनों से धान कटाई तेज हो चुकी है तो मंडियों में आवक भी जोरों पर है।
भले ही शनिवार को मतदान के चलते आवक बेहद कमी रही लेकिन अधिकतर अनाज मंडियां धान से अटी हुई है। थानेसर में ही अनाजमंडी धान से लबालब हुई तो किसान सड़कों पर धान डालने को मजबूर हो रहे हैं। यहां तक कि ब्रह्मसरोवर के आसपास भी चारों ओर धान की अस्थायी अनाज मंडियां लगी हुई हैं। डीएफएससी सुरेंद्र सैनी का कहना है कि धान खरीद लगातार की जा रही है लेकिन शनिवार को सभी कर्मियों की मतदान में ड्यूटी रही। रविवार को छुट्टी रहेगी लेकिन खरीद कराए जाने का प्रयास रहेगा। खरीद व उठान तेज किए के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं।