पिहोवा। अपनी मांगों पर अड़े किसान रात भर तहसीलदार कार्यालय में जमे रहे तो सुबह एसडीएम कार्यालय के बाहर गद्दे बिछाकर धरना शुरू कर दिया और प्रशासन का पुतला भी फूंका। किसानों के बढ़ते गुस्से को देख प्रशासन ने उनकी मांगें पर सहमति जताई, जिसके बाद किसानों का गुस्सा दूसरे दिन वीरवार को शांत हुआ। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। इससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
एसडीएम पिहोवा के तबादले व नायब तहसीलदार को सस्पेंड करने की मांग को लेकर बुधवार को किसानों ने कड़ा रोष दिखाया था, जिसके चलते किसान तहसीलदार कार्यालय पहुंच गए थे। उन्होंने कार्यालय में ही धरना शुरू कर दिया था और इसे रात भर जारी रखा। सुबह किसानों की संख्या बढ़ने लगी तो धरना एसडीएम कार्यालय के बाहर शिफ्ट कर दिया गया, जहां किसानों ने प्रशासन का पुतला जलाया। दोपहर के समय डीएसपी गुरमेल सिंह की मध्यस्थता के चलते एसडीएम सोनू राम किसानों के बीच पहुंचे और उन्होंने उनकी पहले की मांगें पूरी करने का भरोसा दिया। इस पर किसान शांत हुए तो धरना भी समाप्त कर दिया गया।
इस संबंध में प्रदेशाध्यक्ष कर्मसिंह मथाना के मुताबिक एसडीएम ने माना है कि उनकी अंबाला रोड ड्रेन पुल का निर्माण कार्य अगले दो-तीन दिन में शुरू कर दिया जाएगा। अस्थाई गोशाला के करीब 700 पशुओं को दूसरी गोशालाओं में शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है जबकि बाकी गोवंश को भी अगले 20 दिन तक स्थाई तौर पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। ये प्रमुख मांगें माने जाने के बाद किसानों का रवैया नरम पड़ गया और धरना समाप्त कर दिया। कर्म सिंह ने कहा कि मांगें पूरी होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की बात को दरकिनार कर दिया गया है।
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जिला भर से पहुंच गए थे किसान नेता
धरना दे रहे पिहोवा के किसानों का समर्थन करने के लिए जिला भर से किसान नेता वीरवार सुबह पहुंचना शुरू हो गए थे। प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना के नेतृत्व में धरना शुरू किया गया तो वही कुरुक्षेत्र जिलाध्यक्ष कृष्ण कलालमाजरा, कंवरपाल लाडवा, बलकार सिंह, गुरनाम इस्माईलाबाद भी पहुंच गए। धरने के दौरान पिहोवा क्षेत्र के प्रधान जोगिंद्र सिंह, प्रिंस वड़ैच, सुखविंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।