कुरुक्षेत्र। पिछले एक माह से आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान अस्पताल में ई-उपचार सुविधा पोर्टल बंद है। इससे न केवल मरीज बल्कि अस्पताल के कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कर्मचारी दैनिक कार्य मैनुअल (नियमावली) तरीके से निपटाने को मजबूर है, जबकि प्रबंधन इस सुविधा को दोबारा शुरू करनी मांग कर चुका है।
जानकारी के अनुसार हरियाणा राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र (एचएसएचआरसी) के तहत सरकारी अस्पतालों में ई-उपचार की सुविधा देनी वाली कंपनी सरकार को छह अगस्त से पूरे प्रदेश में सुविधा बंद करने की चेतावनी दे चुकी है। कंपनी ने साल 2015 में जिले के एलएनजेपी अस्पताल को यह सुविधा उपलब्ध कराई थी। कुछ समय बाद शाहाबाद सीएचसी, पीएचसी कृष्णा नगर गामड़ी समेत उक्त आयुर्वेद अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध कराई थी, लेकिन अब एलएनजेपी के अलावा अन्य तीनों जगह पर ये सुविधा एक माह से बंद है।
अस्पताल में प्रतिदिन 400 से 500 ओपीडी होती है। सोमवार को करीब 490 ओपीडी हुई थी। कर्मचारियों को इन सभी की मैनुअल तरीके से पर्ची बनानी पड़ी। वहीं पुराने रिकॉर्ड के लिए स्टाफ को रजिस्टर जांचना पड़ा। हालांकि उनके पास पोर्टल बंद होने के बाद का ही रिकॉर्ड दर्ज है। उससे पुराना रिकॉर्ड पोर्टल पर ही पड़ा है। उधर, पीएचसी कृष्णा नगर गामड़ी में भी कार्य प्रभावित हो रहा है। यहां 100 के आसपास ओपीडी होती हैं। इन ओपीडी के लिए पर्ची भी हाथ से ही बनाई जा रही है।
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नहीं मिल रहा पुराना रिकॉर्ड
ई-उपचार सुविधा बंद होने से मरीजों का पुराना रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो रहा है। रिकॉर्ड न मिलने पर स्टाफ को मरीजों से बार-बार रिपोर्ट सहित अन्य जानकारी एक-एक पूछकर उपचार और दवा वितरित करनी पड़ रही है। वहीं मरीजों को नई रिपोर्ट को संभालना पड़ रहा है, जबकि पहले उनके मोबाइल नंबर पर रिपोर्ट भेज दी जाती
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स्टाफ को झेलनी पड़ रही परेशानी : डॉ. राजेंद्र सिंह
ई-उपचार पोर्टल सुविधा बंद होने से कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। उनको पूरा कार्य मैनुअल तरीके से करना पड़ रहा है। कर्मचारियों को ई-उपचार पर काम करने की आदत पड़ चुकी थी। हालांकि उनकी ओर से उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है, क्योंकि ये मामला राज्य स्तर पर लंबित है। उधर, पीएचसी गामड़ी के प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि उनको कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा है, क्योंकि वह पहले से अपना कार्य मेन्युअल करते आ रहे हैं।
डॉ. राजेंद्र सिंह, प्रशासनिक अधिकारी, आयुर्वेद अस्पताल