कुरुक्षेत्र। खेतों में गेहूं कटाई में तेजी आने के साथ मंडियों में गेहूं की आवक तेज होने लगी है। इससे खरीद केंद्र और अनाज मंडियां भर गईं है। मंडियों से उठान की उचित व्यवस्था नहीं होने से जिले की मंडियों में करीब 10 लाख क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। वहीं बदलते मौसम के कारण किसान और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार सोमवार तक 11, 43, 370 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी तो वहीं उठान महज 18 फीसदी दो लाख नौ हजार 810 क्विंटल का ही उठान हो पाया है। देर रात तक खरीद किए गए गेहूं में से ही 93 लाख 35 हजार 560 क्विंटल गेहूं उठान की इंतजार में था। सोमवार को भी पांच लाख 23 हजार 120 क्विंटल गेहूं की खरीद गई जबकि उठान 87 हजार 430 क्विंटल गेहूं का किया जा सका। वहीं सोमवार देर रात तक भी मंडियों व खरीद केंद्रों पर आवक जारी रही। अनाज मंडियों में उठान नहीं होने से किसान और आढ़ती चिंतित है, लेकिन उच्चाधिकारियों ने अब तक मंडियों की सुध नहीं ली है। फिलहाल खरीद शुरू हुए एक पखवाड़ा बीत चुका है, मंडियां जाम होने लगी है, लेकिन कोई उच्चाधिकारी मंडियों में नहीं आया। सोमवार को उपायुक्त भी अनाजमंडी तक पहुंचे, लेकिन आढ़ती और किसान उनसे नहीं मिल सके।
मंडियों में अभी भी निर्माण कार्य जारी
अनाजमंडियों में एक ओर उठान ढीला होने के चलते किसानों को गेहूं डालने की जगह नहीं मिल पा रही है वहीं दूसरी ओर फड़ व अन्य निर्माण कार्य भी जारी है। थानेसर अनाजमंडी में ही फड़ निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। मार्किट कमेटी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि दो एकड़ का फड़ बन चुका है, लेकिन बाकी अभी काम चल रहा है। जल्द ही यह भी पूरा कराया जाएगा। उन्होंने माना कि थानेसर मंडी में भी करीब दो लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं की आवक हो चुकी है।