कुरुक्षेत्र। अहोई अष्टमी पर्व के चलते बाजारों में दिन भर खूब रौनक बनी रही, जिससे दुकानों पर भीड़-भाड़ का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने बाजार में जमकर अहोई अष्टमी पर्व के लिए पूजा-अर्चना का सामान खरीदा। वहीं दुकानों पर भीड़ को देखकर दुकानदारों के चेहरे खिले नजर आए।
अहोई अष्टमी पर्व पर पूजा अर्चना करने के लिए महिलाओं ने मिट्टी से बने पूजा के पात्र खरीदने में ज्यादा रुचि दिखाई, जबकि दूसरी धातुओं से बने पूजा के पात्रों को महिलाओं ने कम खरीदा। कुम्हारों की ओर से बनाए गए कई तरह के मिट्टी से बने बर्तन महिलाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। बाजार में 30 रुपये से लेकर 150 रुपये तक के मिट्टी से बनाए गए पूजा के पात्र उपलब्ध रहे, जिन्हें महिलाओं ने काफी पसंद किया। वहीं अहोई अष्टमी पर्व को लेकर मिठाइयों की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली। पर्व को लेकर मावा से बनी मिठाइयों को खूब पसंद किया गया, जिससे दुकानदारों की चांदी बनी रही। अहोई अष्टमी पर्व को लेकर दुकानदार और महिला ने अपने विचार साझा किए।
पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार काम ज्यादा : कुंवर पाल
दुकानदार कुंवर पाल सिंह का कहना है कि वे पिछले 20 वर्षों से मिट्टी के बर्तन बेचने का काम कर रहे हैं। पिछले कई वर्षों में कोरोना का असर रहा, जिसके चलते व्यापार में मंदी रही। इस बार करवा चौथ पर्व पर काम अच्छा रहा और अहोई अष्टमी पर्व पर भी महिलाओं ने ज्यादा मिट्टी के बर्तनों की खरीदारी की। उम्मीद है कि इस बार दिवाली भी अच्छी रहेगी।
पुत्र की दीर्घायु के लिए व्रत : मिला देवी
महिला मिला देवी ने बताया कि अहोई अष्टमी पर्व के दिन सभी महिलाएं अपने पुत्रों की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं। सभी महिलाएं सुबह उठकर सरगी खाती हैं और फिर पूरा दिन व्रत रखती हैं। शाम को चार बजे अपने पुत्र के साथ पूजा-अर्चना करती हैं। पूजा अर्चना के लिए मिट्टी से बने दो पात्राें को लिया जाता है, जिसमें एक में जल और दूसरे में मिठाई रखी जाती है।
मिट्टी के बर्तन ही ज्यादा शुभ : रंजना देवी
महिला रंजना देवी का कहना है कि अहोई अष्टमी पर्व पर पूजा अर्चना के लिए मिट्टी के बर्तनों को ही खरीदा जाता है। मिट्टी से बने बर्तन ही ज्यादा शुभ होते हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। अहोई माता मां पार्वती का ही स्वरूप हैं। शाम को कथा के बाद रात के तारे को देखकर पूजा की जाती है, इसके पश्चात व्रत पूरा होता है।
कुरुक्षेत्र। अहोई अष्टमी पर्व को लेकर बाजार में लगी भीड़।
कुरुक्षेत्र। अहोई अष्टमी पर्व को लेकर बाजार में लगी भीड़।
कुरुक्षेत्र। अहोई अष्टमी पर्व को लेकर बाजार में लगी भीड़।
कुरुक्षेत्र। अहोई अष्टमी पर्व को लेकर बाजार में लगी भीड़।