कुरुक्षेत्र। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने जिला प्रशासन को धान अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इन घटनाओं की कड़ी निगरानी करेंगे। किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जाएगा। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि ड्रोन के माध्यम से खेतों में आग लगने की घटनाओं की तुरंत पहचान होगी, इससे संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई कर सकेंगे। अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। धान अवशेष जलाने की सूचना पर तुरंत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए एयर क्वालिटी सेंसर भी स्थापित किए जाएंगे। इन सेंसरों से वायु गुणवत्ता और प्रदूषण के स्तर की नियमित निगरानी होगी। प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।