कुरुक्षेत्र। जिला गत तीन साल से मलेरिया मुक्त है, लेकिन बरसाती सीजन मलेरिया विभाग की चुनौती बढ़ाने वाला है। इस साल मौसम विभाग ने सामान्य ज्यादा बरसात होने की भविष्यवाणी कर दी है, जबकि अभी गर्मी की शुरुआत से ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। आने वाले दिनों उनकी तादाद में बढ़ोतरी होना लाजिमी है, जिसके चलते विभाग ने डेंगू और मलेरिया से निपटने की तैयारी कर है। इस साल भी विभाग जिले को मलेरिया मुक्त रखना चाहेगा, जिसके लिए विभाग ने जनवरी से ही तैयारी शुरू कर रखी है।
विभाग की 125 टीमें डोर-टू-डोर स्त्रोत समन्वय गतिविधियां (सोर्स रिडक्शन एक्टिविटी) कर रही हैं। इसके तहत मार्च तक जिले में करीब 2,070,452 घरों में से 14,741 घरों की जांच की जा चुकी है। बुखार से पीड़ित 45 हजार से अधिक लोगों की रक्त पट्टिकाएं स्लाइड्स बनाई गई है। जिले में टीम 8536 टंकी, 1,25620 कंटेनर और 7094 गमले व टायर का निरीक्षण किया गया है। इसके अलावा लोगों को मलेरिया से बचाव की जानकारी दी जा रही है, जिसके तहत लोगों को गमले, कूलर, पानी की टंकी, टायर, टूटे बर्तन, फ्रिज के पीछे की ट्रे और आसपास पानी जमा न होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
इन गतिविधियों के दौरान को विभाग को जिले भर में कहीं से कोई लारवा बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पिछले सीजन टीम को 1010 जगहों से डेंगू का लारवा बरामद हुआ था। इन सब लोगों को विभाग की तरफ से नोटिस दिया गया था। इस साल ज्यादा बरसात होने की स्थिति में यह आंकड़ा बढ़ सकता है। हालांकि अभी विभाग ने भी एंटी लारवा गतिविधियां शुरू नहीं की गई। विभाग बरसाती सीजन शुरू होने के साथ ही यह अभियान शुरू करने का दावा कर रहा है।
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लोगों को किया जा रहा जागरूक
मलेरिया टीम की प्रभारी एवं महामारी विशेष बिंदु राय ने बताया कि जिले में उनकी टीमें सोर्स रिडक्शन एक्टिविटी चल रही हैं। शिक्षण संस्थान, सार्वजनिक स्थान और डोर-टू-डोर जाकर उनकी टीमें लोगों को जागरूक कर रही हैं। इसी के तहत आज मंगलवार को ब्रह्मसरोवर और वीरवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में जागरूक अभियान चलाया जाएगा।
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तालाबों में छोड़ी गई गंबूजिया मछली : सभ्रवाल, फोटो 29
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए विभाग की टीमें फील्ड में कार्यरत है। लोगों को जागरूक करने के साथ बुखार से पीड़ित लोगों की रक्त पट्टिकाएं बनाई जा रही है। मच्छरों के लारवा से निपटने के लिए जिले के 654 तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी गई है। यह मछली मच्छर के लारवा को अपना आहार बनाती है। इससे लारवा की तादाद पर नियंत्रण रहेगा।
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तीन साल में नहीं मिला कोई मामला
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सालमामले मौत
20190900
20200300
20210000
20220000
20230000