कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की ओर से 32वें आठ दिवसीय ऑनलाइन एनईपी अभिविन्यास और संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। तीसरे दिन भारतीय ज्ञान प्रणाली विषय पर चर्चा की गई। पहले सत्र के संसाधन व्यक्ति प्रो. दिनेश चहल (केंद्रीय विश्वविद्यालय) ने इंटेलिजेंस भागफल (आईक्यू), आध्यात्मिक भागफल (एसक्यू) और भावनात्मक भागफल (ईक्यू) के साथ-साथ प्रतिकूल भागफल (एक्यू) विकसित करने की आवश्यकता बताई और प्राचीन ज्ञान प्रणाली के मूल्यों को आधुनिक संदर्भ में एकीकृत करने का आग्रह किया। दूसरे सत्र में दर्शनशास्त्र विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. आरके देसवाल ने बताया कि भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) से विकसित एक विशाल और समग्र ढांचा है। इस प्रणाली में दर्शन, विज्ञान, कला, शासन और आध्यात्मिकता शामिल है और यह वेदों जैसे प्राचीन ग्रंथों में निहित है जो टिकाऊ एवं नैतिक जीवन को प्राथमिकता देते हैं। इस मौके पर पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. अंजू बाला, निदेशक प्रो. प्रीति जैन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।